वो लड़का गरीब था  – ‌खुशनुमा हयात

सर्दी का मौसम था, सड़कों पर ज्यादा भीड़ नही थी। मैं ,कालेज जा रही थी। पैदल सफर करती थी कॉलेज जाने में आधा घंटा लगता था। रोज की तरह मैं, आज भी कॉलेज के लिए घर से निकली। मै स्नातक की छात्रा थी सफेद ड्रेस बालों में सफैद रिबन लगाए काले जूते पहन कर कॉलेज … Read more

उसे पिता मिल गया – डॉ कवि कुमार निर्मल

एक वृद्ध पागल ऐसा दिखता सड़क पर जैसे दिशाहीन लड़खड़ा कर चल रहा था। कभी कभी वह कोई खंभा देखता तो उसका सहारा ले कर कुछ पल ठहर जाता। एक सड़क के फुटपाथ पर बेंच की ओर दिखा तो कुछ लपक पर उसपर जा बैठा। अशोक उसे ध्यान से लगातार देखते हुए न जाने क्यों … Read more

सानिध्य -तृप्ति शर्मा

“आप मेरी चूड़ियां पकड़कर क्यों सोते हैं।”शादी के कुछ दिनों बाद ही थोड़ी हिचकिचाहट के साथ रुचि ने अभिनव से पूछ लिया। अभिनव ने रुचि की आंखों में आंखें डाल कर मुस्कुराते हुए कहा। मुझे अच्छा लगता है इनका सानिध्य इनकी खनखनाहट रुचि ,और इन्हें छूकर मुझे तुम्हारे पास होने का एहसास भी होता है। … Read more

दोस्ती- यारी – मीनाक्षी राय

हरीश जी की उम्र रिटायरमेंट की हुई थी वो फोन पर बात करते हुए बहुत ठहाके लगा रहे थे,,,,,,, सामने से उनकी पत्नी मनोरमाजी चाय लेकर आती है,,,,,, वो जान जाती है,,,, कि आज फोन जरुर राघव का  है। राघव  हरीश के बचपन के दोस्त थे ,,,,,,,पढाई भी दोनो साथ किये थे तो दोनो मे … Read more

बारिश वाला प्यार-डा.मधु आंधीवाल

सीमा जब से कालिज से आई चुपचाप खिड़की के पास बैठ गयी । कालिज में भी बहुत बैचेन थी पर एक डिग्री कालिज की प्रिसींपल की बहुत जिम्मेदारी होती हैं पूरे दिन किसी को महसूस नहीं होने दिया । अब भी वह अपने को बहुत सम्भालने की कोशिश कर रही थी क्योंकि    मेघना के … Read more

लाल मेरा! – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

टेबल पर रखे लैपटॉप को तौलिये से पोछते हुए उसने पत्नी से पुछा- “माँ का फोन आया था क्या?” “नहीं अभी तक तो नहीं। पर क्यूँ?”माँ की याद आ रही है? “नहीं मैं सोच रहा था कि इधर मैं काम में इतना व्यस्त था कि फोन करने का ध्यान नहीं रहा। पत्नी ने कहा-“तो क्या … Read more

छाँव के साथ एक टुकड़ा धूप ” – रंजना बरियार

“ज़िन्दगी मेरी धूप,तुम घना साया..” सारंगा,सुश्वी को देखते ही उसे सुनाकर अपने दिल का उद्गार व्यक्त करने की कोशिश करता..एक ही कम्पनी में काम करते करते दोनो आपस में थोड़े बेतकल्लुफ़ तो थे, फिर भी बहुत समय तक सुश्वी, सारंगा की भावनाओं को नहीं समझने का नाटक करती रही थी…पर प्यार, ख़ुशी और खाँसी छुपाएँ … Read more

बापू – लखविंदर सिंह संधू

“काम वाली से सारा काम करवा लेना खबरें मत सुनते रहना” गुरनाम की  पत्नी ने स्कूटर स्टार्ट करते हुए कहा । “दोपहर को बच्चों को भी ले आना स्कूल से कहीं भूल मत जाना” “हां मैं देख लूंगा सब तुम जाओ ध्यान से जाना” गुरनाम ने अपनी पत्नी को  तसल्ली देते हुए कहा । गुरनाम … Read more

असली कमाई.. मंजू सक्सेना

“ये क्या… तू अभी तक मारुति800पर चल रहा है…हद् हो गई यार”,डा.जयंत ने हैरानी से कहा तो डा. मधुर मुस्कुरा दिये। मेडिकल कालेज से निकलने के बाद डा. जयंत की डा. मधुर से बीस वर्ष बाद किसी पार्टी मे उस दिन अचानक भेंट हो गई थी।कालेज के ज़माने मे दोनों चार साल रूममेट  थे फिर … Read more

स्नेह की डगर – नीरजा कृष्णा : Moral stories in hindi

आज  मनोहर बाबू  और उनकी पत्नी माधुरी बहुत खुश हैं …उनकी लाडली बिटिया मुस्कान नई जिंदगी की शुरुआत कर रही है….वो उन दोनों की अत्यधिक प्रिय गुड़िया ही तो है। वो है भी इतनी प्यारी व चुलबुली कि हर कोई उसे बहुत चाहता है…. अपने भाई और भाभी की दुलारी और मम्मी पापा के आँखों … Read more

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