बदलाव जरूरी है पर … – के कामेश्वरी

कौशल्या के लिए पूरे मोहल्ले के घर अपने ही हैं । बिना किसी रोकटोक के धड़ल्ले से किसी के भी घर में वह घुस जाती थी । उम्र में बड़ी होने के कारण कोई उन्हें कुछ नहीं कहता था । सब उनसे सलाह मशवरा भी करते थे । ख़ासकर घर की औरतें पूजा पाठ अच्छी … Read more

एक शहीद का गांव – गीता वाधवानी

भारत के साथ हुई चीन की हिंसक झड़प में सुधा के फौजी पति नंदन  ने बहुत वीरता से दुश्मनों का सामना किया और लड़ते लड़ते शहीद हो गया।        यह समाचार सुनकर सुधा रो-रोकर बेहाल हो गई। 8 महीने की गर्भवती थी सुधा। नंदन  अपने बच्चे का मुंह भी नहीं देख पाया।       “सुधा, तुम्हारी डिलीवरी के … Read more

जीवनदायिनी बहना  – डॉ उर्मिला शर्मा

हमेशा की तरह अनु ने बच्चों को स्कूल और पति के दुकान पर जाने के बाद अनुराग भैया को फोन लगा उनका हालचाल पूछा। फिर भाभी को फोन लगाई। भैया सम्बन्धी खबर और हिदायतें भाभी को दिया। भैया को लंच तो दिया न, लो सोडियम नमक डालना तो न भूलीं आदि। रोज ही वो इन … Read more

“आखिरी राखी” – डॉ. अनुपमा श्रीवास्तवा 

तूझे मना किया था न कि मुझे दूकान पर घसीट कर मत ले आना,मुझे कुछ लेना नहीं है।  अरी मेरी माँ…मत लेना साथ तो चलो। चलती है या नहीं? तनु  की बांहें खींचते हुए प्रिया बोली-” तुम्हें पता है शिवम के दोस्त ने जेनरल-स्टोर खोला है। शिवम कल कह रहा था कि दीदी कुछ लेना … Read more

“दोस्ती की परिभाषा” – भावना ठाकर ‘भावु’

छोटी उउउमीनू टीवी में न्यूज़ देखते ही चिल्ला उठी, विशाल भैया जल्दी आईये देखिए न्यूज़ में क्या दिखा रहे है। विशाल स्टडी रूम से दौड़ता हुआ आया और न्यूज़ में अपने जिगर जान दोस्त अमन के शहीद होने कि खबर से हिल गया। आतंकवादीयों के साथ मुठभेड़ में मेजर अमन बजाज शहीद हुए इस समाचार … Read more

“श्रृंगार या सौभागय” – भावना ठाकर ‘भावु’

रुचि जो एक कार्पोरेट जगत में मल्टीनेशनल कंपनी में सीईओ की पोजीशन पर नौकरी कर रही थी, उसकी शादी एक पढ़े लिखे रईश खानदान के लड़के आकाश से हुई। एक महीना शादी के बाद की रस्मों में और हनीमून में चला गया, छुट्टियाँ भी ख़त्म हुई, सब अपने अपने काम पर लग गए। रुचि भी … Read more

सिपाही के पिता का दर्द” – भावना ठाकर’भावु’

वतन पर कुर्बान होने वाले तनय मेरे है ज़िंदाबाद तू, सरहद की सीमाओं को सदियों तक रहेगा याद तू, नाज़ है वतन को तुझ पर है माँ भारत की प्यारी औलाद तू। मैं उस औलाद का पिता हूँ जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया, सीने पर गोली खाकर दुश्मनों … Read more

सागर से मुझको मिलना नहीं है – नम्रता सरन”सोना

गंगा एक गांव की भोली भाली बेहद ही खूबसूरत लड़की…उसकी मासूम सुंदरता को वैसे तो शब्दों में ढालना बहुत ही मुश्किल है.. ये समझ लीजिए कि गंगा को देखकर ऐसा प्रतीत होता था मानो जैसे खेतों की हरियाली उसी पर छाई हुई है.. चलती तो यूं लगता फूलों का गुलदस्ता चहलकदमी कर रहा है… हँसती … Read more

पापा आप लोगों को बस पैसा दिखताअपने बच्चों की खुशी नही- संगीता अग्रवाल

राहुल  के पापा विनोद जी ने अपने बेटे राहुल से कहा बेटा राहुल आज 1 सप्ताह हो गया तुम ऑफिस नहीं जा रहे हो क्या बात है कोई तकलीफ है तो हमें बताओ पहले तो तुमने कहा कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए ऑफिस नहीं जा रहे हो अब तो बिल्कुल ठीक हो फिर … Read more

चिट्ठी तेरे नाम की – सरिता गर्ग ‘सरि’

आज की शाम कितनी बोझिल है। गहरे सन्नाटे को चीरते, तमन्नाओं के बादल बरसने को तैयार हैं। यादों की छतरी ओढ़े ,इन बादलों से बचता और दर्द का पुल पार करता मैं दूर निकल जाता हूँ। दुख है तो बस यही कि मैं तुम्हें खुश न रख पाया और हार गया।  कभी-कभी तुम नाजायज जिद … Read more

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