अपाहिज कौन है – संगीता त्रिपाठी

“ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने।” सुमन जोर से चिल्लाई। तुझे क्या लड़कियों की अकाल पड़ी थी जो एक पैर ख़राब वाली लड़की से कोर्ट- मैरिज कर ली। “नहीं माँ!!मैंने कोई अनर्थ नहीं किया एक दिन आप भी महसूस करोगी “सोहम ने सुमन को समझाते हुई कहा। “मेरे बेटे को फंसा कर तुम्हे चैन मिल … Read more

संस्कार – मंजुला 

“शाम के साढे पाँच बज रहे थे। मैं न्यू मार्केट के बस स्टाॅप शेड में खड़ी बस का इंतज़ार कर रही थी। सामने से आती सूरज की चमकीली किरणें शेड से टकराती हुई मेरे चेहरे को जला रही थीं। शरीर पहले ही पसीने से तर-बतर हो रहा था। मैं दो कदम पीछे हट गयी। तभी … Read more

कुछ नहीं – विजया डालमिया

नीला आज सारे काम जल्दी जल्दी करके बार-बार घड़ी देख रही थी। हर टिक -टिक के साथ उसके दिल के धक-धक भी बढ़ते जा रही थी ।…”ओ माय गॉड 5:00 बज गए पता नहीं कब निलेश आ जाए दोस्तों को लेकर”। उसने एक लंबी साँस ली और फटाफट बर्तन साफ करने में जुट गई।…” कमबख्त … Read more

संस्कार तो गिरवी रख दिये – चेतना अग्रवाल

वह हमारा सपनों का घर था और आपने उसे गिरवी रख दिया।” कहते-कहते काजल की आँखों में आँसू आ गये। “मुझे भी बहुत दुख है, काजल। लेकिन मैं क्या करता। लड़के वालों की माँग थी गाड़ी की। कहाँ से देता…. कितना जोड़-तोड़ करके शादी का इंतजाम किया था। दो दिन रह गये हैं शादी में। … Read more

संस्कार – पूजा मिश्रा

  मैं अपने दूर के रिश्ते के भाई अशोक के यहाँ कानपुर अपने इलाज के लिये आई थी ,भाई डाक्टर है सही राय देगा और अगर रुकने को कहेगा तो रुक जाऊंगी यही सोचकर आई थी ।   अशोक ने बहुत प्यार से मेरी पूरी बात सुनकर इलाज के लिये सही राय दी टेस्ट बगैरह के लिये … Read more

ऐसा क्या हो गया कि जो तुम मां  को नजरांदाज कर रही हो? – अमिता कुचया

आज रौनक  बड़े ही गुस्से में था।जब देखा पल्लवी का व्यवहार बिल्कुल उसकी मां के प्रति उपेक्षित लग रहा है।वह रात में मां के पास नहीं बैठी , न ही उनकी तबीयत के बारे में पूछा। उसे मायके से लौटे हुए बहुत समय हो गया था।इस तरफ पल्लवी को भी अंदाजा नहीं कि रौनक उसे … Read more

संस्कार से बढ़कर कुछ नहीं – अर्चना कोहली “अर्चि”

निर्मला ने अपने बेटे समीर की शादी बहुत धूमधाम से की। शादी के बाद मुँह-दिखाई की रस्म में  समस्त पड़ोसियों को आमंत्रित किया गया। “निर्मला, तेरी बहू तो चाँद का टुकड़ा है। ऐसा लगता है, हाथ लगाते ही मैली हो जाएगी”। निर्मला की प्रिय सखी रमा ने चुटकी लेते हुए कहा। “रमा, बिलकुल सही कहा … Read more

मिलन – डाॅ उर्मिला सिन्हा

 “मां…मां..आप सुन रही हैं न.. हम परसों सुबह पहुंच रहे हैं..बाय..”    बेटा आयं..बायं   ..हजारों  बातें…अपनी मां से फोन पर ……उम्र के आखिरी पडा़व पर वह..अपनी देवी सदृश मां  का आंचल .. खुशियों से भर देना चाह रहा था..          “ठीक है…ठीक है..”वे सुन कहां रही थी..दिल-दिमाग में तूफान -सा मचा हुआ था.  आज चालीस वर्षों … Read more

माँ जी संस्कारों की बात आप तो कीजिये ही मत – (पार्ट – 2 एवं अंतिम भाग)  – मीनाक्षी सिंह 

जैसा कि अभी तक आपने पढ़ा बबिता जी की बीटिया बिन्दू रात के 9 बजे रोते हुए अपने मायके आयी ! उसकी भाभी संगीता ने दरवाजा खोला ! बबिता जी पूछती हैं – बिन्दू री क्या हुआ ,,तू इतनी घबरायी हुई क्यूँ हैं ?? सब ठीक तो हैं ,,दामाद जी नहीं आये क्या ! अब … Read more

संस्कार : नौकरी करने वाली में भी होता है   – सुभद्रा प्रसाद 

” मम्मी , लिजीए, चाय” सुघा ने चाय का कप देते हुए कहा |       “अरे, इतनी सुबह तुम उठ गई ” सुषमा चाय का कप पकडते हुए बोली |          “मुझे पता है, आप सुबह जल्दी उठ जाती हैं और चाय पीती हैं |” सुघा  उनके बगल में बैठते हुए बोली -“मम्मी, ठंड बढ़ गई है … Read more

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