एक दिन का बादशाह  (हास्य रचना) –  -विनोद प्रसाद ‘विप्र’ 

“अजी उठिए, सात बज रहे हैं। और कितना सोएंगे ?”- शहद टपकती आवाज मेरे कानों में पड़ी तो मैं हड़बड़ा कर उठ गया। आँखें मलते हुए मैंने मुआयना किया कि मैं अपने ही घर में तो हूँ न। जब यकीन हो गया तब मैंने उन्हें गौर से देखा, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सामने … Read more

करवाचौथ सरप्राइस गिफ्ट – लतिका श्रीवास्तव 

…. पलाश का दिल मीठी सी आनंदानुभूति में मग्न था….आज शरद पूर्णिमा का चांद है तीन दिनों बाद करवाचौथ का चांद दिखेगा…..अभी ही उसकी शादी हुई है नई नवेली दुल्हन तूलिका उसके लिए करवाचौथ का व्रत रखेंगी …उसके लिए …!सोच सोच कर वो आनंदित हो रहा था….जैसे मां पिताजी के लिए रखती हैं….वो बचपन से … Read more

आज फिर जीने की तमन्ना है ” – अनिता गुप्ता 

  24 वर्षीय विभा कैंसर अस्पताल के जनरल वार्ड के पलंग पर लेटी है। अभी दो दिन पहले ही विभा को आईसीयू से जरनल वार्ड में शिफ्ट किया था। एक हफ्ते पहले उसका ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। विभा एकटक छत की ओर देख रही है। पास में उसकी मां ललिता जी बैठी हैं। … Read more

औरत का 24 घंटा – पूजा गोयल 

अरूणा यह क्या है मेरा शर्ट का बटन अभी तक नहीं लगा पाई तुम यार तुम औरतें करती क्या हो घर पर पता नहीं मोहित रूम से चिल्लाते हुए अरूणा को सुनाता है अरूणा के लिए भी यह रोज का था मोहित खुद कुछ भी नहीं करता है अरूणा बिमार सास के साथ दो साल … Read more

खुशी – सुधा शर्मा

 शाम के साथ ही जैसे डूबते सूरज के साथ ही मन भी डूबने लगा था , रात की गहराती स्याही उतरने लगती थी चेतना में ।बरामदे में गौरी पिछले कुछ समय में घटी घटनाओं की त्रासदी में डूबने लगी थी।         कितना प्यारा भरा पूरा परिवार ।बेटा , बहू, सात वर्ष की चहचहाती पोती।बेटा कनाडा में … Read more

सुमि – सुधा शर्मा

‘सुमि’,इतने मधुर स्वर में कहा किसी ने कि हवाओं में रस भर गया । सुमि रसोईघर से बाहर आई।’क्या कर रहीं थीं? भूल गयीं? आज मेरी छुट्टी है हमें बाहर चलना है लंच के लिए । आज सारा दिन  हम सब साथ बितायेगे । चलो , अनु  को तैयार होने  को कह कर आया हूँ … Read more

सुनो न: – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)

—– सुनो न, हाँ तुमसे ही बोल रहा हूँ, सुनो न! क्या? बोलो न, सुन रही हूँ। वो मैं बोल रहा था न! क्या? याद आती है मेरी? बुद्धु, ये भी पुछने वाली बात है क्या? हाँ, जब बोलती हो न, तब दिल ज़ोर से धड़कने लगता है। कुछ भी। नहीं, सच में। तो सुनो, … Read more

 प्यार में बदल गया  बिजनेसमैन –  निशू गर्ग

 एक बार एक मानसी नाम की लड़की होती है वह बहुत चुलबुली और हंसमुख थी उसे सिर्फ दो ही सबसे ज्यादा शौक थे पहला – बहुत ज्यादा हंसने बोलने का और दूसरा – लड़कों के साथ दोस्ती करने का  पर उसने लड़कों के साथ तो दोस्ती कभी नहीं की यह सोचकर की कभी उसकी फैमिली … Read more

सांझे सुख दुःख – सुनीता मिश्रा

पिता की तेरहवीं होने के कुछ दिन पश्चात् निखिल नें सावित्री से कहा “माँ मेरी छुट्टियाँ खत्म हो रहीं हैं। इस मंडे को मुझे ऑफिस ज्वाइन करना है। मैं चाहता हूँ आप हमारे साथ चलें। दो दिन का समय है, आप तैयारी कर लें।” सावित्री कुछ देर चुप रहीं, फिर एक गहरी साँस लेकर बोलीं … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे – के . कामेश्वरी

पूजा गाना गुनगुनाते हुए घर में कदम रखती है । अपनी ही धुन में थी जैसे ही बैठक में उसने कदम रखा देखा कुछ नए लोग बैठे हुए हैं । उन्हें देख कर नमस्ते करती है और अपने कमरे की तरफ़ चली जाती है । उसे समझ में नहीं आ रहा था कि आख़िर ये … Read more

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