बहू का पहला करवाचौथ ( करवा चौथ स्पेशल ) – ज्योति आहूजा

हर लड़की की तरह अदिति के मन में भी शादी को लेकर तरह- तरह की उमंगे थी।   शादी के बाद उसका ससुराल कैसा होगा? ससुराल में हर तरह के फंक्शन, त्यौहार खूबधूमधाम से मनाए जाते हो। सजने सवरने की शौकीन अदिति इसी उमंगों के साथ अपना रिश्ता होने के बाद शादी के दिन का … Read more

मेरी ननद सबको भड़का कर चली जाती•••• – अमिता कुचया

आज नीना बहुत ही आहत हुई उसके मन को इतनी पीड़ा हुई कि चाहकर भी किसी से कुछ कह नहीं पा रही थी।काम हर घर में होता है कभी -कभी देर सबेर तो हो ही जाती है। हमेशा इस बात पर ननद रानी सासुमा को भड़का देती और फिर मां जी मुझे सुनाती कि घर … Read more

 ब्रेड-बटर – दीप्ति सिंह 

सुरेश की बाइक जब ग्यारह नंबर  कोठी के सामने से गुजरी तो पीछे बैठी रानी भीड़ देख ठिठक गयी, बाइक रुकवाई तथा पास जाकर एक व्यक्ति से पूछा   “क्या हुआ भईया ?”  “अरे कुछ नही ,जैसे कमाया था वैसे ही निकल गया छापा पड़ा है छापा ” व्यक्ति ने बताया।  “हैय! “ठोढ़ी पर हाथ रख … Read more

बिटिया ले आयी चाँद – भगवती सक्सेना गौड़

एक दौड़ते भागते व्यस्ततम महानगर में रवीना खरे अपने सत्तर वर्षीय श्रीमान जी के साथ बढ़िया सी सोसाइटी में  रहती है। रोज शाम को ज्यादा दूर तो नही पास में ही दोनो टहलने जाते हैं, क्योंकि दोनो ही गठिया के शिकार है। शरीर कमजोर तो है ही पर दोनो हमेशा मस्ती में रहते। दोनो बेटे … Read more

“कहानी किस्मत की” – कुमुद मोहन

“क्या कहा डाक्टर ने सोनोग्राफी में क्या निकला?”पराग और विभु के घर में घुसते ही अम्मा जी ने कहा! अम्मा जी!ट्वीन्स हैं!थोड़े कमजोर हैं अच्छा खाने पीने को कहा है।   अम्मा जी ने फौरन ऊपर हाथ करके भगवान से प्रार्थना की”हे भगवान दोनों लडके ही हों एक झटके में हमारे तो सारे संकट दूर … Read more

तुम से ज्यादा ख़ुश कौन होगा? – राशि रस्तोगी

आज जब कनिका के बचपन की सहेली पूजा उससे अकस्मात ही मिलने आयी और बातों बातों में बोली “तेरा अच्छा है कनिका, सास ससुर का कोई चक्कर ही नहीं है! अपनी पसंद के कपड़े पहनो जो खाना है खाओ, प्रेम विवाह किया तूने और इससे ज्यादा कितनी ख़ुशी चाहिए किसी को अपने जीवन में?” कनिका … Read more

ज़िंदगी ख़ुशी से जीने के लिए  – के कामेश्वरी

रमा एक बहुत बड़े वकील की बेटी थी । वह देखने में बहुत सुंदर थी । पिता के पास बहुत सारे खेतखलिहान बंगले नौकर चाकर सब थे । अपने ओहदे पर उन्हें नाज़ था । उन्हें लगता था कि परिवार औरबाहर के लोग सब उनकी जी हुजीरी करें और लोग उनके पैसे और रुतबे के … Read more

जीजिविषा – डॉ उर्मिला सिन्हा

गली में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था.पहरेदार का “जागते रहो..”की तीव्र ध्वनि नीरवता भंग कर रही थी.रात आधी बीत चुकी थी .हंसा घुटनों में सिर दिये  झपकी ले रही थी. नींद के झोंके से माथा कभी इधर, कभी उधर लुढ़क पड़ता .वह पुनः सिमट कर बैठ जाती .वह जितना ही जागने का प्रयास करती नींद … Read more

ये हुई न बात – श्रद्धा निगम

सुबह मीनू के फोन से ही नींद खुली।मौसी आप को ज़रूरी  सूचना देनी है।आप सब अपने रिजर्वेशन,टिकट आदि कैंसिल करवा दीजिये.रोली दीदी की शादी कैंसिल हो गयी। लेकिन…सीमा ने कुछ कहना चाहा.. उनकी बात काटते हुए मीनू ने कहा -मम्मी आपसे दो-तीन दिन बाद बात करेगी।कह कर मीनू ने फोन काट दिया।  सीमा उसकी बात … Read more

बहुतै नांच नचायौ- नन्दलाल भारती

सम्भ्रान्त बाबू ने तो वैसे अपने बेटों के स्कूली शिक्षा के दौरान ही दहेज मुक्त ब्याह करने का एलान कर दहेज दानव के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था। सम्भ्रान्त बाबू का अपने ही घर से  दहेज विरोधी अभियान पर  किसी को विश्वास नहीं हुआ। कई दहेज लोभियों की टिप्पणी से सम्भ्रान्त बाबू ही नहीं उनकी … Read more

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