सुहागन – अनुज सारस्वत

“मां जी मैं मार्केट जा रही हूं शॉपिंग के लिए अब समय ही कहां बचा है शादी के लिए 2 महीने ही तो रहे हैं इधर हमारे देवर जी इतने भोले हैं कि बिना भाभी के उनका काम नहीं होता” सुप्रिया ने अपनी सासू मां से कहा सासू मां बोली “बेटा तुझे मना किया ना … Read more

चाॅंद सी मेरी जिंदगी, – अनीता चेची

“ऐ चाॅंद मुझे पता है ,तू जीवन से जुड़ा है जैसे आते हैं जीवन में उतार-चढ़ाव वैसे ही तू घटता बढ़ता है कभी पूर्णिमा में खिलता है कभी अमावस में खो जाता है कभी धरा संग प्रीत लगाता कभी भानु से चमकता है।” पूर्णमासी के खिले हुए चाॅंद को देखते हुए नीलिमा उसमें अपना जीवन … Read more

अंधविश्वास – ममता गंगवार

मैं एक शिक्षिका हूं .एक बेसिक स्कूल में पढ़ाती हूं.मैं कक्षा छह में एक दिन विज्ञान पढ़ा रही थी.पढ़ाते -पढ़ाते मैं बच्चों को अंधविश्वास की हानियों से परिचित कराने लगी.इसी क्रम में मैं समझाने लगी कि कुछ औरतें यह दावा करती हैं कि उन पर देवी आती हैं. यह गलत है. वह देवी के नाम … Read more

 सोशल मीडिया का लुभावना संसार – किरण केशरे 

जिधर देखो उधर ज्ञान ही ज्ञान पसरा हुआ है, क्या व्हाट्सएप और क्या फेसबुक,,क्या इंस्टाग्राम और क्या ट्विटर ,,, हे ईश्वर! भला हो इन एप्स बनाने वालों का, नही तो मुझे अल्प बुद्धि जीव को इतनी महत्वपूर्ण और अनमोल जानकारियाँ कहाँ से मिलती ?  कौन कब जन्मा  ? कौन कब सिधारा ! नाना प्रकार के … Read more

“सौतेली मां” – कुमुद मोहन

“अरे निशा तू?कैसी है,कहां थी इतने साल? बाज़ार में मिलकर पूछते हुए लीना ने निशा को कसकर पकड़कर लिया! और ये कौन?तेरी स्टेप माॅम हैं ना? “मुझे किसी ने बताया था अंकल ने दूसरी शादी कर ली है!” लीना और निशा बचपन से साथ साथ पली साथ पढ़ीं!दोनों कभी एक दूसरे के पड़ोसी हुआ करते … Read more

वजन – पिंकी नारंग

सुमित्रा के पाँव जमीं पर नही पड़ रहे थे,लग रहा था मानो शरीर के हर अंग से असंख्य पंख निकल निकल आए होऔर वो रुई जैसा हल्की हो कर बादलों में उड़ रही हो। आकाश को छूने जैसा अनुभव था,बिल्कुल पक्षियों जैसा।बंद आँखो से इस सपने को देखती तो भी ड़र जाती की कभी पूरा … Read more

अमूल्य उपहार” – उषा भारद्वाज

  वह हिमांशु और हिना को बड़ी तल्लीनता से पढ़ा रही थी। तभी खट  की आवाज से उसकी नजरें उठी ,रिचा के सामने हिमांशु की दादी एक ट्रे में चाय और प्लेट में पकोड़ियां लेकर आई थीं, और  सामने मेज पर रखते हुए बोली – बेटा पहले खा लो फिर पढ़ाना ।  रिचा  शालीनता पूर्वक बोली- … Read more

पल में तोला पल में माशा, – सुषमा यादव

  मैंने गुस्साते हुए बेटी रीना से कहा,,अभी तुरंत अपने फैमिली ग्रुप से अपना मैसेज डिलीट करो, कितनी बार मना किया, समझाया तुम्हें,कि अपने घर की बातें, अपने झगड़े अपने तक ही सीमित रखो,पर तुम्हें तो मेरी बात मानना ही नहीं,, तुम क्यों नहीं समझती हो कि तुम्हारा कोई साथ नहीं देगा,, वो उनका बेटा … Read more

नालायक बेटे के लिए,हमेशा बहु ही जिम्मेदार क्यों ….? – यामिनी अभिजीत सोनवडेक

अर्पिता,गुस्से में आज,दिल का गुबार निकाल रही थी,थक चुकी थी वो,इस अनचाहे भेदभाव और अनावश्यक ताने सुन सुनकर.. आपका बेटा नालायक है, तो मैं क्या करूं ? ये जिम्मेदारी और जवाबदारी मेरी नहीं है,सासु माँ… जब हमारी शादी,हुयी,तब आपका बेटा मयंक 30 साल का था,और मैं उसकी दुनिया में 30 साल के बाद आयी,तो उसकी … Read more

बदलाव – संजय मृदुल

मैं अरुण के सीने से लगी जोर जोर से रो रही थी, उनका हाथ मेरे सर पर था और वो मुझे चुप कराने की कोशिश कर रहे थे।   आज मैने जीवन मे रिश्तो की सम्बन्धो की लोगो की कद्र समझी। मैं रोते हुए बार बार उनसे माफी मांग रही थी। आज लग रहा था … Read more

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