शीतल झोंका – गीतांजलि गुप्ता।

शीना जैसे ही बैग उठा जब भी घर से निकलती  हमेशा अपनी माँ से झिडकी खाती माँ उसे हरेक बात में टोकती रहती उन्हें हमेशा बेटी से नाराज़गी ही रहती ये नहीं है कि शीना उनकी नाराजगी का कारण नहीं जानती पर क्या करे सब जैसा चल रहा है उसे बदलना इतना आसान भी तो … Read more

माँ की साड़ी – नीतिका गुप्ता

मां बेटी का रिश्ता होता ही ऐसा है दोनों आपस में अपना सुख दुख बांट सकती हैं लेकिन क्या बेटी की शादी होने के बाद बेटी का मां पर मां का बेटी पर कोई हक नहीं रह जाता।   मेरी शादी होने के बाद मेरी मम्मी  ने मुझे बिल्कुल पराया कर दिया। एक ऐसा ही … Read more

 ये कैसा रिश्ता है ? – स्मिता सिंह चौहान

हर लड़की की तरह मालिनी ने भी कितने सपने सँजोये थे अपने होने वाले राजकुमार की लेकिन उसे क्या पता था राजकुमार सिर्फ सपने मे अच्छे लगते  हैं असल ज़िंदगी की तो हक़ीक़त कुछ और होती है।  धूमधाम से शादी के बाद मालिनी अपने ससुराल पहुँच चुकी थी लेकिन जैसे ही सुबह हुई  “नहीं, मुझे … Read more

रिश्तों के रूप – रचना कंडवाल

“गरिमा तुम मेरी बेटी की तरह हो।” ये सुनकर गरिमा को काटो तो खून नहीं। प्रोफेसर श्रीनिवास की आवाज ने उसे सहमा कर रख दिया। गरिमा का कालेज में नया दाखिला हुआ था। गरिमा दिखने में बेहद खूबसूरत थी। चंप‌ई रंग,कत्थ‌ई आंखें, मोहक हंसी,कमर तक लहराते हुए बादामी कलर के बाल उस पर सोने पर … Read more

आधी हक़ीक़त आधा फ़साना- सब तुम्हारे लिए ही है  – कंचन शुक्ला

इंगिता से उसका पति इंद्रेश- सुनो!! सात दिन छः रातों का नाईटस्टे फर्न्स रिसोर्ट एंड होटल में बुक कर दिया है। नए साल पर जब मम्मी पापा आयेंगे, अबकी बार उन्हें दुबई भी दिखा देता हूँ। वे खुद तो कभी कहीं जाते नही, और ना जाने की सोचते हैं। इंगिता- ये तुमने अच्छा किया। उनका … Read more

दिखावे का दुःख – विनोद सांखला “कलमदार”

अपने बचपन के मित्र विनय की मम्मी के हार्ट अटेक से अचानक देवलोक गमन की ख़बर सुनते ही रात के 2 बजे पत्नी वर्षा को साथ लेकर विनय के घर पंहुचा तो देखा…!! वँहा पूरा माहौल गमगीन था। विनय के पिताजी सोफे पर आँखों में आंसू लिए बैठे है… विनय और दिव्या भाभी फूट फूट … Read more

श्रवण कुमार – दीप्ति सिंह

मैं मित्रता के नाते हेमंत से मिलने गया ;हेमंत विधुर था तथा एक दुर्घटना की वजह से बिस्तर पर था। मैं कुर्सी खिसका कर बोला.”अनिल कहाँ है ?” हेमंत बोला  “छत पर अपनी पत्नी रुचि के साथ धूप सेक रहा है।” “तुम भी धूप में लेट जाते …अनिल से बाहर  फोल्डिंग पलंग बिछवा लेते, वह … Read more

ओढ़नी  – कमलेश राणा

  बहुत कम उम्र में ही माँ का साया उसके सर से उठ गया था ,,तब वह 8 वीं में पढ़ती थी,,दादी बुजुर्ग थीं तो उन्होंने उसे चाचा के पास रहने भेज दिया और इसी के साथ उसकी शिक्षा पर भी विराम लग गया,, 17 साल की होते-होते उसकी शादी बाड़मेर के एक छोटे से … Read more

 आखिर मेरी क्या गलती थी – सुषमा तिवारी

आज मैं  पूरे 2 सालों बाद माएके जा रही हूँ , हर साल गर्मी की छुट्टियों मे कहीं  घूमने चले जाते थे  मायके जाने का सुकून और खुशी लिए मैंने मायके के बिल्डिंग में कदम रखा तो नितिन भाई दिखे, मैं लिफ्ट मे घुसी और वो निकले। मेरे हाय के जवाब में फीकी सी स्माइल … Read more

नानक की सीख

श्री गुरुनानकजी महाराज प्रभु-नाम का प्रचार करते हुए पहुंचे बगदाद में। वहां राज करता था खलीफा। लोगों ने बताया कि खलीफा कंजूस बहुत है, किसी को एक कौड़ी भी नहीं देता। | गुरुजी मुस्कुरा, कंकरों की एक पोटली बांध ली और अपने | पास रख ली। सत्संग होने लगा कुछ दिनों के बाद खलीफा भी … Read more

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