सत्तू की कचौरी (#रेसिपी ) – कुमुद मोहन

सत्तू है तो सस्ता मगर हम सभी जानते हैं कि यह बहुत गुणकारी है, सत्तू जौ का भी होता है और चने का भी। फाइबर से भरपूर, इसमें आयरन, प्रोटीन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मी के मौसम में कहीं बाहर लू के थपेडों के बाद घर लौट कर थोड़ा सा सत्तू ले … Read more

गलती  चाहे किसी की-कुसूरवार बहू ही – कुमुद मोहन 

गीता  ने घड़ी देखी”हाय राम!सात बज गए?मम्मी पापा मार्निग वाॅक से आ गए होंगे कहकर उठने की कोशिश की तो रमन  ने उसे वापस खींच लिया कहते हुए “कोई लाम पे जाना है क्या ?आज संडे है थोड़ी देर और रूको ना?”मन तो गीता  का भी था सुबह-सुबह की मीठी नींद की बात ही कुछ … Read more

अपने जीवन साथी पर भरोसा रखना भी तो प्रेम ही है  – सोनिया कुशवाहा 

हे भगवान ना जाने क्या देख कर मैंंने इस आदमी से शादी की! मेरी तो ज़िन्दगी ही बर्बाद हो गई, जब देखो तब लडाई झगड़ा अपने अलावा किसी और की पड़ी ही नहीं है इनको। मैं भी पूरा दिन ऑफिस में दिमाग खपाती हूँ तब जाकर चार पैसे कमा पाती हूँ। फिर घर जाकर खाना … Read more

खोल दिया साहब – प्रेम बजाज

राशिद खान को जैसे ही स्ट्रेचर से उतारकर रखा उसके जिस्म में दर्द की लहर उठी, उसे लगा जैसे किसी ने उसके जिस्म की एक-एक हड्डी तोड़ दी हो।  हिलना-डुलना बहुत मुश्किल लग रहा था, फिर भी हिम्मत करके उसने उठने की कोशिश की तो किसी हाथ ने उसे पकड़ कर रोक दिया। एक आवाज़ … Read more

मुझे बचा लो माँ । – संगीता अग्रवाल 

” गौरव बहु को अच्छे से समझा देना कल के लिए और हां ये भी कि इस बात का जिक्र कही ना करे वो !” बेटे के घर आते ही कान्ति जी बोली। ” हां माँ आप फ़िक्र मत करो वो कल आपके साथ जाएगी !”  गौरव बोला। ” जाना ही होगा बरखुदार कोई और … Read more

अपूर्व बंधन – संध्या पंडित

            सुबह के ठीक पांच बजकर तीस मिनट पर अलार्म की संगीतमय धुन से मुक्ता जी की नींद टूटी । उनींदी आँखो  से उन्होंने साइड टेबल पर रखा मोबाइल उठाकर ,अलार्म बंद कर, खिड़की के शीशे पर नज़र डाली। रातभर हुई झमाझम बारिश से हवाओं मे नमी थी। शीतल ठंडक का एहसास पाकर एक पल … Read more

“खोखले बन्धन” – कविता भड़ाना

“सिया” एक छोटे शहर की, बेहद खूबसूरत लेकिन बहुत महत्वाकांक्षी लड़की है। मध्यमवर्गीय परिवार की होने के कारण कमी तो किसी चीज़ की नहीं थी, पर सब कुछ सीमित मात्रा में ही मिल पाता था। परिवार में मम्मी पापा के अलावा एक बड़ा भाई ही है, तो लाडली भी बहुत है, सुंदर इतनी की रिश्तेदारों … Read more

बंजारन – प्रेम बजाज

“अरी ओ कजरी सारा दिन‌ सीसे में ही घुसी रवेगी का”? कुछ काम-धाम भी करया कर कभी!” “अम्मा, मोसे ना होता काम-वाम तेरो, मैं तो राजकुमारी  हूं, राजकुमारी और राजकुमारी कोई काम नाही करत” रोज़ का काम था कजरी की मां उसे काम में हाथ बंटाने को कहती और कजरी मना कर देती। दरअसल कजरी … Read more

साड़ी वाली विद्यार्थी – मंजू तिवारी

यह बात 1995 की है जब प्रेरणा कक्षा 9 में पढ़ती थी कॉलेज में सुबह-सुबह प्रार्थना होने के बाद प्रेरणा जब अपनी क्लास रूम में गई तो देखा एक जगह बहुत सारी लड़कियां भीड़ लगाए खड़ी है।और कुछ देख रही हैं। सभी आपस में बातें कर रही है तो प्रेरणा के मन में भी आया … Read more

जाके पैर फटी बिवाई (हेल्थ) – कुमुद मोहन

क्लब की नयी मेंबर मिसेज़ खन्ना जब मीटिंग में आईं तो एक बार तो सबकी नज़र जैसे उन पर ही जम गई। छरहरी फ़िगर, सलीके से पहनी साड़ी,हल्का सा मेकअप,खूबसूरत ज्वेलरी, मैचिंग पर्स,चेहरे पर फ्रेंडली मुस्कान आते ही मानो पूरे ग्रुप पर छा गयीं। डायनिंग स्पेस में जाने के लिए सीढ़ी  चढ़ते हुए पीछे से … Read more

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