समधी का आसन – मुकुन्द लाल
विनायक अपने पुत्र सोनू के साथ अपनी भगनी की शादी में अपने जीजाजी के घर पहुंँचा था। अपनी पत्नी के अस्वस्थ रहने के कारण वह उसे नहीं ला सका था इस शादी के सामारोह में, किन्तु अपने इकलौते पुत्र की जिद्द के आगे उसे झुकना पड़ा, अंत में उसे अपनी यात्रा में शामिल कर लिया … Read more