इन धोखेबाजों के बीच मेरी बेटी एक पल भी नहीं रहेगी – सविता गोयल
बाहर से आती पैरों की आवाज़ सुनकर कनक ने खिड़की से बाहर झांका। कनक की सहेलियां उसी ओर आ रही थीं। “कनक, चल ना.. हम सब आज पार्क में जा रही हैं…. ,, कनक की सहेलियों ने कनक से भी साथ चलने को कहा… ” नहीं यार, तुम लोग जाओ मैं नहीं आ सकती.. वो … Read more