माँ से धोखा – ममता गुप्ता

रामलाल जी का देहांत हुए अभी 6 महीने भी नही हुए थे कि” उनके बेटो को यह चिंता सताने लगी कि ” आखिर इस मंहगाई के जमाने मे माँ का खर्चा कौन उठाएगा।  चारों बेटो का अपना अपना परिवार था, सभी के घरों में बच्चो की पढ़ाई व बड़े दो भाइयों के पर बच्चो की … Read more

जिन्दगी की नीरसता  – डा. मधु आंधीवाल

आशू तुम मुझे छोड़ कर तो नहीं जाओगे ये वाक्य हमेशा पीहू पूछती थी और आशू का एक ही उत्तर होता क्या तू अकेली नहीं रह पायेगी मेरे बिना ? ये बात होती थी दोनों में अभी उम्र ही क्या थी दोनों की आशू 10 साल का और पीहू 6 साल की । दोनों के … Read more

ईंट का जवाब – ललिता भाटिया

निशा का जन्म तो इसी शहर में हुआ था और पढ़ाई भी हाई स्कूल तक | पर आज ५ साल बाद वो फिर आई तो अपने मोहल्ले में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई पता नही माँ बाबू हे या नहीं  भाई भाभी भी कहाँ  रहते होंगे ? निशा तब ९ में पड़ती थी तो … Read more

‘कैसे स्वीकार करूँ?’ –  विभा गुप्ता

” शालू, ये तूने क्या किया? मेरे प्यार में कहाँ कमी रह गई थी जो तूने मेरे साथ इतना बड़ा छल किया।तुझे बेवफ़ा कहूँ तो उसे क्या कहूँ जो दोस्त के रूप में आस्तीन का साँप निकला।धिक्कार है!…। ” कहते हुए विकास ने अपने हाथ में ली व्हिस्की की बोतल को उस दीवार पर दे … Read more

बड़े धोखे है इस दुनिया में – संगीता त्रिपाठी

सुम्मी तू अपने को धोखा दे रही हो, सच बता क्या तेरा मन नहीं करता तू पति की गलत आदतों से विद्रोह करें”। प्रीता ने तेज आवाज में कहा।   “नहीं प्रीता मुझे कोई शौक नहीं, मै आशुतोष के साथ खुश हूँ “सुम्मी ने जल्दी से कहा      “हाँ, तेरी पीठ पर सिगरेट के जले निशान तो … Read more

दिली सुकून – लतिका श्रीवास्तव

ये आप किसी और को नही वरन अपने आपको बहला रहे हैं…..धोखा दे रहें हैं….ये रुपए आपकी तनख्वाह के नहीं है ना..!ये ऊपरी कमाई या कमिशन ईमानदारी की कमाई कैसे बन सकते हैं….!.आज की दुनिया अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति हेतु भले ईमानदारी की नई परिभाषाएं गढ़ रहीं हैं……!लेकिन गलत बात सही नहीं हो सकती!…..शिवानी … Read more

*भगोड़ा* – सरला मेहता

चन्दन सेठजी व माधुरी जी की सर्वगुण सम्पन्न बेटी सुष्मिता की अपने घर में खूब चलती है। चले भी क्यूँ ना, छोटा भाई श्रवण ठहरा सीधा सा व शांत प्रकृति वाला। कोई भी उसे बुद्धू बना सकता है।  लोगों ने दबी ज़ुबान में उसे गोबर गणेश ही नाम दे दिया। सेठ जी अक्सर सेठानी को … Read more

विषकन्या का धोखा  – अनीता चेची

यह कहानी एक 25 वर्षीय नव युवक की कहानी है जो फेसबुक के माध्यम से बनी हुई, फ्रेंड से धोखा खा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेता है। 25 वर्षीय जगदेव एक मध्यमवर्गीय किसान का बेटा है। जो कि गांव में रहता है। कुश्ती करना, दौड़ लगाना उसको बहुत पसंद हैं। इसके साथ साथ … Read more

अंधेरी रात – अनीता चेची

यह कहानी 17 वर्षीय नवविवाहिता स्त्री की है। जो जीवन परिवर्तन से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश करती है। हजारों सपने आंखों में लिए रोशनी की अभी नई नई शादी हुई है। ससुराल में चार जेठ जेठानी,  उनके बच्चे, सास-ससुर सभी हैं। भरा पूरा परिवार है। यह देखकर रोशनी बहुत खुश होती है। क्योंकि … Read more

 पत्थर दिल  – अनु अग्रवाल

“क्या सच में आपको बिल्कुल पता नहीं चला…..महिमा किससे और क्या बातें करती थी ? पड़ोस की रमा देवी की आंखों से मानो अंगारे बरस रहे थे। बात आज से लगभग 25 – 30 साल पहले की है जब हर किसी के घर पर फ़ोन नहीं हुआ करते थे। यहाँ भी पूरे मोहल्ले में बस … Read more

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