*मेरे जैसे बदनसीब इस दुनिया में कोई नहीं* – तोषिका
आज पूरे १० साल हो गए है, दुनिया आगे बढ़ गई है पर मैं वही कि वही रह गई जहां मैं १० साल पहले थी, खिड़की से बाहर ढलते सूरज को देखते हुए मीना बोली। जैसे जैसे सूरज ढल रहा था, मीणा भी मायूस हो रही थी क्योंकि उसको वो ही १० साल पहले की … Read more