“सलोनी एक रिश्ता अपना सा” -अनीता चेची
आज मैंने गृह प्रवेश में अनेक मेहमानों को बुलाया। चारों और खुशी और आनंद का वातावरण, मै भी फूली नहीं समा रही थी, तरह तरह के पकवान बनाए गए। घर में हवन रखा गया , एक मेहमान ऐसा भी था जो बिन बुलाए आया और घर के दरवाजे के बाहर ही बैठा रहा। जो सभी … Read more