मर्यादा-एक सीख – शुभ्रा बनर्जी
आज बच्चों का लंच बॉक्स पैक करते हुए विनीता की आंखों से आंसू गिर रहें थे।सुबह से उठकर सास ससुर की देखभाल,नाश्ता,खाना सब कुछ करके बच्चों को तैयार करके फिर ख़ुद स्कूल जाती थी।हर दिन देर हो जाती थी पहुंचने में।दौड़ते दौड़ते थक गई थी।फ़िर दोपहर में आकर सब को खाना परोस कर दो।पांच मिनट … Read more