कहीं बहू बेटे हमसे दूर न हो जाए••••• – अमिता कुचया
आज फिर रोज की तरह डिनर के बाद डाइनिंग टेबल पर सुरेश जी ,सुधा जी, अपने बेटे बहू साहिल और श्रृद्धा के साथ तो थे।पर मन से साथ नहीं थे। साथ बैठकर खाना खाने की औपचारिकता पूरी कर रहे था। सन्नाटा पसरा हुआ था ।तनावपूर्ण माहौल में श्रृद्धा ने चुप्पी तोड़ते हुए पूछा, मम्मी जी … Read more