“आपका प्रभुत्व वाला स्वभाव हमारे रिश्ते को खोखला कर रहा है! बस अब और अन्याय नहीं!” – ज्योति आहूजा
आज विवेक और कल्पना जी के घर से काफ़ी तेज़ आवाजें आ रही थी। वे इतनी तेज़ थी कि आराम से पड़ोसियो को भी सुनाई दे रही थीं। एक बहुत बड़ी वजह, एक कारण जो कई सालों से विवेक जी के घर में आपस में विवाद, कलह, मनमुटाव की बड़ी वजह बन चुका था। वह … Read more