प्यार सबके नसीब में कहां…
दिल तो आखिर दिल है, इस दिल पर किसका जोर है, कभी कभी बस दूरियां और कुछ यादों की एक डोर है. यह कहानी अभिमन्यु और नित्या की है. जो जुड़ कर भी पास नहीं है. “क्या बात है नित्या आजकल तुम बड़ी खुश और खिली खिली सी रहती हो? और देख रहा हूं की … Read more