हर बार जो दिखता है वही सच नहीं होता 

वह बड़े ही हिम्मत से अपने लाठी के सहारे अपने रूम से बाहर निकले तो उन्हें बेटे बहू के रूम से, बहू की तेज आवाज़ सुनाई दी . बहू बेटे के कमरे का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं था ना. और इस लिए ससुर ना चाहते हुए भी उनका ध्यान अपनी बहु की आवाज पर … Read more

अदला बदली 

आज वर्मा जी के बेटी की शादी होने वाली थी. और इस लिए घर में सब खुश थे बहुत. की बेटी की शादी जो है और तैयारियां भी बहुत करनी बाकी थी. मां और पिता दोनों ही काम में लग गए और भाई का भी अपनी बहन की शादी में पूरा साथ था. थोड़े दिनों … Read more

जंजीर  – पुष्पा कुमारी “पुष्प”

“कब तक अपने पिता के घर में बैठी रहोगी सौम्या?. अपनी पसंद से ही सही विवाह कर तुम भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश क्यों नहीं करती!”. आज सौम्या से मिलने आई उसकी बचपन की सहेली और अब दो प्यारे-प्यारे बच्चों की मांँ बन चुकी राधिका ने बातों ही बातों में सौम्या को … Read more

बहु की सहेलियां

रूपल और दिनेश की शादी हुए तीन साल बीत चुके थे. रूपल का ससुराल मारवाड़ी परिवार से था तो उनका खुद का बर्तन का व्यवसाय था. ऐसे में रूपल और उसकी देवरानी को घर में कोई काम नही होता था. घर में ज्यादातर काम करने के लिए नौकर चाकर थे. उनको बस सुबह शाम के … Read more

हैसियत

खन्ना परिवार में चार बहुएं थी. सबसे छोटी बहू रमा, उसके बाद काजल, उसके बाद तीसरे नंबर का बेटा जितेन और उसकी बीवी भानु, और चौथा और सबसे बड़ा बेटा निकेत और उसकी पत्नी माया. चारो ही दिखने में काफी खूबसूरत थी. और तीनों ही पढ़ी लिखी समझदार थी. ऐसे में खन्ना परिवार की चार … Read more

टू स्टेट

राधिका और कुशल की एक लव मैरिज शादी हुई थी. राधिका राजस्थानी परिवार से थी और वहां अपनी पत्रकारिता  की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आई हुई थी. और कुशल का परिवार एक पंजाबी परिवार था. ऐसे में कुशल और राधिका एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और वही उनको एक दूसरे से प्यार हो … Read more

घूंघट

“देखो हम जा तो रहे है लेकिन ज्यादा दिन वहां नही रुकेंगे, और अगर रुकना भी हुआ तो मैं वापिस आ जाऊंगा तुम रुक जाना!” जियान अपनी पत्नी कामिनी से बोला. “पर जी वहां इतने सारे मेहमान होंगे और आप भी तो घर के दामाद होंगे हो तो शादी के सारे रस्मो रिवाज़ में आपका … Read more

“मां!” – आरती श्रीवास्तव

अपनी शादी के सिर्फ़ छह महीने के बाद मुझे अपनी बुआ के बेटे नैतिक भैया की शादी में जाने का मौका मिल रहा था। मेरी शादी के बाद मायके की यह पहली शादी थी जिसमें शामिल होने के लिए मैं खासी उत्साहित थी।  कुछ ही समय पश्चात् हम ट्रेन के द्वारा रांची से पटना बुआ … Read more

तारीख   –  ऊषा भारद्वाज

आज सुबह से मन्टूअपनी दादी को देख रहा था कि उसकी दादी अपने कपड़े तह करके अपने ब्रीफकेस में रख रहीं थी । अपनी जरूरत का सारा सामान धीरे-धीरे छोटी सी बैग में रखा । मंटू दादी के पास आया और उनसे पूछा – “दादी आप कहीं जा रही हो?” सावित्री देवी ने बड़ी मायूसी … Read more

मेरा गुलाब  – दीप्ति सिंह

अभी स्कूल बस आने में देर थी । आरव तैयार था बस करुणा को बालों में कंघी करनी थी। अचानक उसकी नजर बरामदे में रखे गमले के अधखिले लाल गुलाब पर गयी। उसके चेहरे पर मुस्कान के साथ एक याद भी तैर गयी। ” आप मुझे गुलाब नही देंगे क्या?” उसने अरुण से पूछा था। … Read more

error: Content is protected !!