रिश्तों के मंजर – स्नेह ज्योति

कोई नहीं था पास मेरे ना रिश्ता,ना कोई फ़रिश्ता जो मुझें इस मझधार से निकाले।लोग मुझे राजन कहते है,पर राजा जैसा कुछ भी नहीं था,रोज सुबह उठ बाथरूम जानें के लिए लाईन में लगना,फिर पानी के लिए,बस के लिए,नौकरी पाने के लिए,सब जगह बस पंक्ति ही थी,मानो जिंदगी जलती थी।जल्द ही अनाथ हो गया था … Read more

पिछले जन्म का रिश्ता – सुषमा यादव

,,उसका पिछले जन्म का है , मुझसे रिश्ता कोई, ,,वो कौन थी,, जो हमेशा के लिए एक दर्द दे गई।। मेरी दोनों बेटियां बोर्डिंग स्कूल नैनीताल में पढ़ने चली गईं थीं । मैं जब स्कूल से घर आती, तो बच्चों के बिना घर सूना देखकर बस रोने को मन करता,,सात,सात वर्ष की बच्चियों के चले … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी – रश्मि प्रकाश

 बेटा दो साल होने को आया तू एक बार घर भी नहीं आया है…. हम दोनों बुढ़ापे में बस तुम सब को देखने को तरसते रहते हैं और तुम हो कि आना ही नहीं चाहते हो।” सुनंदा जी निकुंज से बोली  “ माँ ऐसे क्यों बोलती हो… आना चाहता हूँ पर एक सप्ताह की छुट्टी … Read more

“मिर्ची की धाँस में पनपते रिश्ते” – अनु अग्रवाल

भाभी………. क्या आपको भी किचन में से मिक्सी की आवाज़ आ रही है”- अभी कुछ दिन पहले ही ब्याह कर आयी शीना की देवरानी धरा ने शीना से पूछा। “हाँ………लगता है……….माँजी मसाले पीस रही हैं। उनकी तो आदत है…….अब इस उम्र में नींद तो आती नहीं है….तो रसोई में ही कुछ न कुछ करती रहती … Read more

कुछ रिश्तों का कोई नाम नहीं होता – पुष्पा पाण्डेय

कुछ रिश्तों का कोईनाम नहीं होता कुछ रिश्तों का कोईनाम नहीं होता कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिसका कोई नाम नहीं होता और वह अपनों से भी बढ़कर होता है। ऐसा ही एक रिश्ता था माधव और राधिका का। जब राधिका शादी करके आई थी तो माधव घर का टहलुआ था। कहने को तो वह … Read more

एक प्यारा रिश्ता – नंदिनी

एक अबोध बालक उम्र होगी लगभग  5 से 6 वर्ष  ,बस स्टैंड पर भीड़ के चलते अपने  परिवार से बिछड़ गया । उसका परिवार मेहनत महदूरी करके पेट भरता था किसी ने कहा फलां जगह मजदूरी का काम है अच्छा ,तो चल पड़ा परिवार पोटले बांध कर , भीड़ में हाथ छुटा तो मिला ही … Read more

एक रिश्ता शुक्र तारे सा – लतिका श्रीवास्तव

नमस्ते चाचीजी  जी नमस्ते चाचा जी …. वही आदर भरा  मधुर सम्मोहित संबोधन सुन कर वसुधा जी ने भी पलट कर नमस्ते नमस्ते बेटा ..कैसी हो सब बढ़िया है ना..!!कहा तो बदले में उत्साह से भरा..” जी चाचीजी आपका आशीर्वाद है ……प्रत्युत्तर मानो दिल से ही निकला…मुस्कुराहटो का आदान प्रदान हुआ और वो आगे बढ़ … Read more

बेनाम रिश्तों का अनोखा एहसास – पिंकी सिंघल

कुछ लोग अपने होकर भी पराए लगते हैं… कुछ अनजानों से दिल का रिश्ता बन जाता है.. किसी ने सच ही कहा है कि हमारे जीवन में कुछ रिश्ते हम स्वयं नहीं बनाते अपितु ऊपरवाला हमारे लिए बना कर भेजता है ।ऐसा ही एक रिश्ता होता है दोस्ती का रिश्ता। माना कि दोस्ती के लिए … Read more

प्यारा रिश्ता – गुरविंदर टूटेजा

   मेहर ने मम्मी को मनाते हुए बोला….मम्मा एक बार मिलिये तो आप सहज से बहुत अच्छा है पापा को भी बताइये ना…!! हाँ मम्मी दीदी सही कह रही है मैं भी मिला हूँ बहुत अच्छा है…!! अच्छा बेटा इस बारें में तुमकों भी पता था…!!  थैंक यू मानव मेरा साथ देने के लिए कहते हुए … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी – रोनिता कुंडू

क्या हुआ विमला..? सुबह से दरवाजे पर नज़रे टिकाई हो… वह तो अब ससुराल गई… उसकी आस अब छोड़ दो… हमदर्दी का रिश्ता था, कोई अपनी तो थी नहीं… और वैसे भी तुम उसकी शादी में नहीं गई, नाराज़ भी तो होगी…? सरला जी ने विमला जी से कहा… इतने में एक लड़की दुल्हन के … Read more

error: Content is protected !!