होली का डर  – बेला पुनिवाला   

 वैसे तो होली रंगो का त्यौहार है, खुशियों का त्यौहार है, हर किसी को होली का त्यौहार बहुत ही पसंद है। होली के दिन हर कोई एक-दूसरे पे कलर लगाता है। लोग नाचते है, गाते है, यहाँ तक की भगवान् श्री कृष्ण को भी ये होली का त्यौहार बहुत पसंद है।          मगर पता नहीं मुझे … Read more

जीवन का संघर्ष – सुभद्रा प्रसाद

 “मैं पूछती हूँ माँ जी, यह बुआ जी कबतक हमारे घर में रहेंगी ? सारा दिन खांसती रहती है  |आप इन्हें इनके घर भेजती क्यों नहीं? रमा की छोटी बहू रचना ने पूछा |             ” अरे ये अब कहीं नहीं जायेगी| यहीँ मरेगी, तभी पिंड छूटेगा हमारा इनसे |” बडी बहू राखी ने कहा | … Read more

अन्तिम इच्छा  – माता प्रसाद दुबे

“डाक्टर साहब!क्या अब मै अपनी माता जी को घर ले जा सकता हूं?” विनायक ने नर्सिंग होम मे भर्ती अपनी मां का इलाज कर रहे डॉक्टर से पूछा।”जी हा,आप अब अपनी माता जी को घर ले जा सकते है,मगर इनका ध्यान रखियेगा,ये ज्यादा सोचे नही,इन्हे खुश रखने की जरूरत है?”डाक्टर ने विनायक से कहा।”जी मै … Read more

सूनी गोद – नंदिनी

आराधना तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी  ,दादी ओर मां पापा, दो छोटे भाई ,उसकी कॉलेज की पढ़ाई चल रही थी। मस्ती मजे में दिन व्यतीत हो रहे थे ।   एक रोज पड़ोस वाले काका दोपहर में आये बोले रमेश कल सोचा है पहाड़ी वाले मंदिर चले दर्शन को  ,तुम्हारी भाभी कबसे लगी हैं मान्यता … Read more

मां आप तो इसका दर्द समझो – किरन विश्वकर्मा

नीलेश ऑफिस में आकर जैसे ही कुर्सी पर बैठा तो बगल में बैठी सहकर्मी अंजना का उदास चेहरा देखकर पूछ बैठा कि क्या हुआ!!! आज फिर कुछ हुआ क्या……..तभी अंजना उसे फाइल देते हुए कहती है कि नीलेश जी मैंने सारा वर्क पूरा कर लिया है बस आप जरा चेक कर लीजिएगा…….जैसे ही नीलेश ने … Read more

अर्चना –  मुकुन्द लाल

 ‘वीमेंस स्वावलंबन प्रशिक्षण संस्थान’ को सजाने-संवारने की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही थी। उसके गेट पर खूबसूरत और आकर्षक तोरण द्वार का निर्माण किया गया था। संस्थान के परिसर के अंदर गेट से भवन तक जाने वाले पथों के किनारे फूलों के गमले कलात्मक ढंग से सजाये गए थे।   कई दिनों से समारोह हेतु सजावट … Read more

दिखावा – हरीश कण्डवाल

मदनलाल : अजी सुनती हो तुमने मेहमानों की लिस्ट बना दी है, मेरे ही अकेले 1000 से अधिक  क्लाइंट और परिचित वकील है। उसी हिसाब से हम वेडिंग पवाइंट बुक करेंगे और मेन्यु का हिसाब करेंगे। शहर  में सभी  बड़े नेता और  सामाजिक जनमानस आएंगे। गोमती :  नाते  रिश्तेदारों गाँव  कालोनी सब मिलाकर 500 मेहमान … Read more

क्या मर्द रो नहीं सकते – पार्ट -2 – मीनाक्षी सिंह

आपने अभी तक पढ़ा अभिषेक और चांदनी का एकलौता बेटा विभू पढ़ाई के लिए इंग्लैंड जाने वाला हैँ ! उसके ज़रूरत का सामान लेने तीनों लोग बाजार ज़ाते हैँ तभी रास्ते में किसी का एक्सीडेंट हुआ था ,उसे देखकर चांदनी गाड़ी रोकने को कहती हैँ ! अब आगे ….. अभिषेक -ओह चांदनी ,यहाँ तो एक्सीडेंट … Read more

रिक्त स्थान (भाग 1) – गरिमा जैन

अपनी गरीबी की रेखा को तोड़ने का रेखा के पास से एक स्वर्णिम अवसर था । आज दोपहर ही तो उसकी प्रिय सहेली रूपा उससे उसके लिए ब्यूटी पेजेंट बनने का फॉर्म लेकर आई थी। बहुत बड़ा आयोजन था और जीतने वाली लड़की को पांच लाख नकद साथ ही नामी-गिरामी कंपनी में ब्रांड एंबेसडर बनने … Read more

उदार –  कंचन श्रीवास्तव 

अखबार के पन्ने पलटते पलटते ,रेखा की निगाह, ‘सामने बैठे चाय बिस्कुट का रहे रवि पर गई’।तो ,देखती रह गई,ऐसा लगा मानों मुद्दतो बाद देख हो,नहीं नहीं देखती तो रोज़ ही है पर शायद आज करीब से या ये कह लो मन की आंखों से देख रही है। “चेहरे से बुढ़ापा झलकने लगा है।आंखें कुछ … Read more

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