” इज़्ज़तदार ” – डॉ. सुनील शर्मा

शहर के सबसे बड़े विवाह स्थल पर मास्टर कृष्ण कुमार शर्मा के इकलौते बेटे सत्यम के विवाह की धूमधाम है. सुंदर तोरण द्वार से लेकर जयमाला तथा मंडप को मोगरे और रजनीगंधा के सफेद खुशबूदार फूलों से सुसज्जित किया गया. खाने के व्यंजनों की सूची देख लो तो दिमाग चकरा जाए. रौशनी की खूबसूरत सजावट … Read more

माँ  बाप की इज्जत – रंजू अग्रवाल ‘राजेश्वरी’

बात बहुत पुरानी है ,मगर है सच ।आज से चालीस पैंतालीस साल पहले बेटियों की शिक्षा को कोई महत्त्व नही देता था ।खासकर मारवाड़ी समाज मे तो स्थिति और भी खराब थी । राजस्थान के छोटे से कस्बे में कैलाश शंकर जी अपनी दो बेटियों के साथ रहते थे ।बड़ी बेटी मंजुलिका का जब उन्होंने … Read more

रंग में भंग –  मुकुन्द लाल

बिरजु करता तो था मजदूरी किन्तु वह अन्य मजदूरों से, इस मामले में थोड़ा अलग था कि वह कुछ पढ़ा-लिखा था। जब वह दशवीं कक्षा में पढ़ रहा था, तो उसी समय आई बाढ़ में उसका बापू डूबकर मर गया था। उसी वक्त से उसकी पढ़ाई बन्द हो गई थी। उसके परिवार को भूखों मरने … Read more

इज्ज़त – सुषमा यादव

आज का समय बहुत ही ख़राब है,, मासूम बच्चियों से लेकर उम्र दराज महिलाएं तक हैवानियत का शिकार हो रही हैं,,,, यहां तक कि लड़कों को भी लोग नहीं छोड़ रहे हैं,,हम सब आये दिन इन नापाक घटनाओं से अवगत हो रहें हैं,,, ऐसा नहीं है कि हम सबके जमाने में ऐसी ओछी हरकतें नहीं … Read more

गौरैया और बिटिया – मंजू तिवारी

आज सुबह फोन उठाया तो पता चला आज गौरैया दिवस है। ठीक वैसे ही महिला दिवस आने पर कुछ दिन पहले फोन उठाने पर ही पता चला था कि आज महिला दिवस है। कुछ दिन पहले मेरा दिवस निकला अब तेरा दिवस मनाया जा रहा है। ठीक ही तो है। मुझे भी तो बचपन से … Read more

वीडियो कॉलिंग – मधु मिश्रा

त्रिपाठी जी की अकस्मात मौत से पूरा गाँव शोक में डूबा हुआ है , पूरा गाँव इसलिये क्योंकि वो अकेले होकर भी पूरे गाँव वालों से किसी न किसी रिश्ते में बंधे हुए थे..इतने मिलनसार के किसी का ब्याह हो या किसी का बच्चा होने वाला या फ़िर कोई घर बना रहा हो.. सारे काम … Read more

अमीर कौन ????? – मीनाक्षी सिंह

सरिता ,ये साड़ी तो शायद तूने  पिछली बार मोहित की शादी में भी पहनी थी ! अबकी बार नई  खरीदी नहीं क्या  ! और रिशी ने भी वहीं गरम कोट पहना हैँ ! बुरा मत मानना ,पर क्या अच्छा लगता हैँ कि दुबारा घर की शादी में वही पुरानी शादी वाले कपड़े पहन लो ! … Read more

डायरी – संगीता श्रीवास्तव

आंसू मेरे गालों को ही नहीं, हृदय को भी भिगो रहे थे। मैं मर्माहत थी। तुमने अच्छा नहीं किया। काश! तुम पहल किये‌ होते…. मुझे सब कुछ याद आने लगा। वह सामने वाली बर्थ पर था। मैं अपनी 2 साल की बेटी के साथ, पति के पास नौकरी पर जा रही थी। वह लगातार मुझे … Read more

मूक प्रेम – सीमा पण्ड्या

“देखो बन्टू ….मैं नहीं रखने वाली इस कुत्ते को घर में………. इस घर में या तो कुत्ता रहेगा या मैं समझे…”-मैंने कहा। “मम्मा प्लीज़  देखो न कितना छोटू सा प्यारा सा पपी है, रख लो न…. “बन्टु ने मुझे   मनाने की पुरज़ोर कोशिश की। “मना कर दिया ना……. बिल्कुल नहीं ,जाओ छोड़ कर आओ … Read more

परीक्षा वाली होली –  स्मिता टोके ‘पारिजात’

“मम्मी, हमें भी होली खेलने जाना है ।” ऋषभ और सौरभ, हमारे जुड़वाँ बेटे इसरार करने लगे ।  किसी भी माँ-बाप को जिस बात का डर लगता है, इस साल भी वही हुआ । धुलेंडी के दूसरे दिन ही बच्चों की एक्ज़ाम शुरू होनेवाली थीं । बच्चों की बात सुनकर मुझे उनपर और खुदपर तरस … Read more

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