सच्ची दोस्ती – चंद्रमणि चौबे
मैं और अमीषा एक साथ एक ही स्कूल में बचपन से ही पढ़ती थी हम लोगो में बहुत ही घनिष्ठता थी ग्रेजुएशन के बाद मैं मास्टर करने दिल्ली चली गई अमीषा भी भोपाल जाकर अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की एक दिन अचानक अमीषा का कॉल आया बहुत घबड़ाई सी लगी पूरी बात तक नही … Read more