अनुपमा – पुष्पा पाण्डेय
कुछ दिनों से बुआ भी अनुपमा नाम से ही बुलाने लगी अनुपमा को। आज की अनुपमा कल की सोना थी। जब पाँच महीने की थी तभी दादी ने इसकी सूबसूरती को देखकर इसका नाम सोना रखा था। सचमुच विधाता ने उसे फुर्सत में बनाया था। बड़ी हुई तो उसके शील स्वभाव और खूबसूरती को देखकर … Read more