खौफ़ – मधु झा

शालिनी आफ़िस से आकर सीधे बेडरूम में जाकर लेट गयी और झुमरी मासी से काॅफी लाने को कहा। काॅफी का नाम सुनते ही झुमरी समझ गयी कि आज फ़िर से शालिनी बहुत स्ट्रेस में है,, वरना बाक़ी दिन वो आफ़िस से आने पर फ्रेश होकर ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठकर चाय पीती है,, उसके … Read more

 एक बेटी ऐसी भी – मधु झा

रामेश्वर जी और उनकी पत्नी मनोरमा जी पैकिंग करने में व्यस्त हैं,,।  “क्या कहीं घूमने जा रहे या फ़िर अपनी बेटी के यहाँ जा रहे,,?” “अजी नहीं,,ये दूसरे घर में शिफ़्ट हो रहे।  अरे वाह,  क्या इन्होंने दूसरा मकान भी ले लिया है,,? एक बड़े से मकान में तो पहले से ही रह रहे थे … Read more

जीवनदान – Short Hindi Inspirational Story

मेरी कामवाली कांता अपने साथ किसी दूसरी कामवाली विमला को लेकर आई थी क्योंकि वो पूरे एक महीने के लिए गांव जा रही थी अपनी छोटी बेटी की शादी करने। अपनी जगह जिस कामवाली को वो लगाकर जा रही थी उसको कांता ने सारा काम समझा दिया था। विमला कल से आने का बोलकर चली … Read more

आवाज उठानी जरूरी है – संगीता अग्रवाल

” जाहिल औरत ये क्या किया तूने गँवार है गँवार ही रहियो तू !” शारदा जी पूजा कर रही थी कि उन्हे बेटे कार्तिक के ये शब्द सुनाई दिये जो वो अपनी पत्नी सांची को बोल रहा था। ” माफ़ कीजियेगा वो मुन्ने का हाथ लग गया इसलिए पानी गिर गया थोड़ा !” सहमी आवाज़ … Read more

आसमां में सुराख – डॉ. पारुल अग्रवाल

पूरे नौ महीने के इंतज़ार के बाद दिव्या ने एक प्यारी सी बच्ची सिया को जन्म दिया। दिव्या और उसके पति नीलेश बहुत खुश थे पर एक वर्ष की होने के बाद भी बच्ची के क्रियाकलाप अपनी उम्र के बच्चों जैसे नहीं थे। वो अपना नाम सुनकर अभी भी कोई प्रतिक्रिया नहीं करती थी। अपनी … Read more

भंडारे का आधुनिकीकरण – शुभ्रा बैनर्जी

आज मोहल्ले की महिलाएं सुबह से ही किसी गंभीर विषय पर यंत्रणा में लगी हुईं थीं।थोड़ा पास जाने पर पता चला कि,कल शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में हमारे ही मोहल्ले के मनीष जी ने भंडारे का आयोजन किया है।महिलाओं में उत्साह अस्वाभाविक नहीं था।एक दिन दोपहर के खाना बनाने से मुक्ति जो मिलेगी।शीतल जी … Read more

माफी तो मैं भगवान से भी नहीं मांगती। – Short Hindi Inspirational Story

मुझे शिक्षक प्रशिक्षण के तहत विद्यालय में जाकर पाठ्य योजना के अन्तर्गत कक्षाओं में जाकर पढ़ाना था। लेसन प्लान बना कर मैं एक विद्यालय गई।  एक कक्षा को पढ़ाने के बाद मैंने टाइम देखा तो दस पन्द्रह मिनट ऊपर हो गये थे। पर अभी तक दूसरे पीरियड की घंटी नहीं बजी थी, दूसरे पीरियड में … Read more

नियति – रंजना वैद्य

आखिर वो अपना इतना शानदार घर छोड़ कर इस ओल्ड एज होम में आ ही गया। उसके दिन आंसुओं से भर गये थे।पिछली दर्दनाक जिन्दगी भूलना इतना आसान तो न था। हर पल कुछ न कुछ कष्टप्रद बातें उसके दिलो दिमाग में तैरती ही रहतीं ।उसका पूरा वजूद छलनी हो कर रह गया था। वो … Read more

संतान – रश्मि सिंह

दीप्ति-दीदी मुझे यहाँ से ले जाओ, रोज़ रोज़ ताने सुन सुनकर मैं थक गई हूँ, मेरी कोख नहीं ठहरती तो इसमें मेरी क्या गलती। यहाँ सब सौरभ (दीप्ति का पति) की दूसरी शादी का सोच रहे है दीदी मुझे इसमें भी दिक़्क़त नहीं है पर सौरभ मुझसे तलाक़ ना ले। शैली (दीप्ति की दीदी)-तुम पागल … Read more

औरतें हैं या CCTV कैमरा..? – रोनिता कुंडू 

देखिए..! आपकी मां क्या कह रही है..? मैं हमेशा उनसे लड़ने के बहाने ढूंढती हूं…! शिप्रा ने अपने पति राहुल से कहा… राहुल:   तुम दोनों अपनी लड़ाई में मुझे मत शामिल करो… आज मेरी छुट्टी का दिन है… उसे मैं तुम दोनों की लड़ाई में बर्बाद नहीं करने वाला…. आशा जी:   वाह बेटा…! … Read more

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