“खानदानी जेवर” – रणजीत सिंह भाटिया

” अरे भाई मंजू जल्दी करो रास्ते में ट्राफिक भी बहुत होगा”  मिस्टर प्रेम पगारे अपनी पत्नी को पुकार रहे थे…जी बस 5 मिनट में आई अंदर से मंजू की आवाज आई… I            ड्राइवर कार को अच्छी तरह से चमका कर तैयार खड़ा था, मिस्टर पगारे उनकी पत्नी मंजू और उसका बेटा राकेश कार में … Read more

दिखावा – उमा वर्मा

रवि को आफिस भेज कर निश्चिन्त होकर बैठी तो एक कप और चाय पीने का मन हो आया ।रसोई में गैस पर चाय चढ़ाया और तबतक घर को व्यवस्थित कर लिया ।जब तक सब अपने अपने काम पर निकलते नहीं तबतक घर लगता है कुश्ती का अखाड़ा बना रहता है ।चाय तैयार हो गई ।कप … Read more

  “दिखावा ” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

एक जरूरी मीटिंग के सिलसिले में सुधा लखनऊ आयी थी। लखनऊ आने से पहले वह सोच कर ही आयी थी कि मीटिंग खत्म होने के बाद वह अपनी  छोटी सी दस साल की भतीजी पीहू से मिलकर जायेगी। मीटिंग खत्म होते ही सुधा भाभी की बहन के घर की ओर चल पड़ी। जैसे ही बरामदे … Read more

पति क्या घर के काम नहीं कर सकते – मीनाक्षी सिंह

सुनो ,अंदर आ जाओ ,बाद में डाल देना कपड़े बालकनी में ! विमला खड़ी हैँ बाहर ! क्यूँ इसमें क्या हुआ ,क्या मैं अपने घर के कपड़े नहीं सुखाने को डाल सकता ! रोहित अपनी पत्नी पारूल से बोला ! तुम्हे नहीं पता ये सब औरतें शाम को पंचायत करती हैँ बैठकर कि पारूल का … Read more

दिखावे के बादल – डॉ संगीता गाँधी

“पापा,जब उन लोगों की कोई डिमांड नहीं तो आप क्यों ये सब दे रहे हैं?”“यदि डिमांड होती भी तो भी दहेज देना भी अपराध है।”पिता को दहेज जुटाते देख विनीत ने आश्चर्य से कहा।“बेटा, समाज व उसके कुछ नियम भी होते हैं।समधी जी ने कुछ भले न मांगा, तो क्या मैं अपनी इकलौती बेटी को … Read more

‘ दिखावा’ मेरी मजबूरी है – विभा गुप्ता

  ” दीपा…! तू यहाँ कैसे? तेरे मियाँ जी का ट्रांसफर हो गया है क्या?” शाॅपिंग माॅल में अचानक अपनी पुरानी सहेली को देखकर नेहा खुशी-से उछल पड़ी।   ” आं…हाँ…, कुछ ऐसा ही समझ ले।” दीपा ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया।  ” वाह यार! माथे पर लाल बिंदी, माँग में सिंदूर,गले में मंगलसूत्र और हाथों में … Read more

गुरूजी – पिंकी नारंग

आप भी ना ममा पार्टी मे जा रही है किसी सत्संग या भजन संध्या मे नही, जो आपने ऐसे कपडे पहन लिए, कुछ तो ड्रेस सेंस रखा  करो ना मेरी भोली, प्यारी माँ | जमाना बदल गया है, उसके साथ कदम से कदम मिला कर चलना पड़ता है, इनफैक्ट चलना नही दौड़ना होता है, नही … Read more

मुझे दिखावा पसंद नहीं सिमरन….. – मीनाक्षी सिंह

यार सिमरन तुम रोज रोज यहीं बातें लेकर क्यूँ घर में कलेश करती हो ! हमारी शादी को दस साल हो गए हैँ ,जब मैं अभी तक नहीं बदला  तो अब क्या ही बदलूँगा ,और वैसे भी मुझे बदलना भी नहीं ,ये दिखावा मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं … इसमें क्या दिखावा हैँ राहुल ,बताना … Read more

दिखावा करना पड़ गया भारी – गीता वाधवानी

चार सहेलियां, रोशनी, मुस्कान, नेहा और मेघा। चारों के स्वभाव में अंतर था लेकिन फिर भी वे पक्की दोस्त थी। आज सुबह नेहा और मेघा ने जैसे ही मोबाइल उठा कर चेक किया, तो देखा सोशल मीडिया पर रोशनी और मुस्कान चारों तरफ छाई हुई है। हर तरफ उनकी ही बात हो रही है। वे … Read more

सभ्य समाज की असली खुशी या दिखावा – गीतू महाजन

कमली आज बहुत जल्दी में थी।सुबह सवेरे उठकर  उसने सारे काम निपटाए। बाहर के म्युनसीपालिटी के नल से पानी भरकर लाई…बच्चों की रोटी बनाई और पति रामा के लिए टिफिन बना दिया। “अरे आज सुबह से ही क्या खटपट लगा रखी है?”रामा ने आंख मलते हुए पूछा। “रात को ही तो बताया था संध्या मेम … Read more

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