समय बड़ा बलवान – मोना शुक्ला

मिश्रा जी ..आपको लड़की की शादी कर देनी चाहिए  आए दिन मोहल्ले में उसके बारे में बातें होती  रहती है  लोग बाग कहते हैं, कि मिश्रा जी की लड़की का चाल चलन ठीक नहींl  हम सुनते हैं हमें अच्छा नहीं लगता इसीलिए आपसे कह रहे हैं वैसे भी वह 18 की तो हो ही गई … Read more

मेरा अस्तित्व –   बालेश्वर गुप्ता

  देखो बेटा, कुछ प्रैक्टिकल बनो,कश्मीरी लाल एक बड़े उद्योगपति है, उनकी बेटी से शादी होगी तो एक फैक्ट्री वो आराम से तुम्हारे नाम कर सकते हैं।पर इशारा तो करना पड़ेगा,ना।      पर बाबूजी हमे क्या कमी है, आप खुद उद्योगपति हैं, सबकुछ आपके पास है।और रही मेरी बात, तो बाबूजी मैं दहेज के खिलाफ हूँ, मैं … Read more

तोहफा – संगीता श्रीवास्तव

खुशी आंखें बंद किए आराम कुर्सी पर बैठी भूली बिसरी यादों में खोए अनुभव का इंतजार कर रही थी । तरह-तरह के विचारों में खोई, कभी पीड़ा, कभी आनंद के मननशीलता से विचारों के प्रवाह में बहती जा रही थी। क्यों न बहे? जीवन में तरह-तरह के उतार -चढ़ाव होते जो रहे हैं! कैसे -कैसे … Read more

दिखावे का व्यवहार – पुष्पा जोशी

  विधि जब से उस विवाह समारोह से लोटकर आई है, तभी से उसका मन बहुत विचलित है। उसके कानों में रह रह कर वो बातें गूंज रही है जो उसके करीब बैठी महिलाऐं आपस में कर रही थी, विधि उन्हें पहचानती नहीं थी और न शायद उन महिलाओं को यह ज्ञान था, कि वे किसके … Read more

मतलब – माता प्रसाद दुबे

सीमा बहुत खुश थी..उसके जीवन का सपना आज साकार हो गया था। रवि ने दिन रात मेहनत करके उसे पाश कालोनी में शानदार घर की मालकिन बना दिया था..वह खुशी से झूम रही थी। उसके और रवि के दोनों बच्चे प्रशान्त और परी अपने नए घर में आकर बहुत खुश थे। घर के सामने खुबसूरत … Read more

दिखावा – मधु वशिष्ठ

जब दोनों ड्राइंग रूम में घुसे  तो उन्होंने शानदार करीने से सजा हुआ सोफा, बड़ा सा म्यूजिक सिस्टम वगैरह-वगैरह इत्यादि रखे हुए देखे। उस सरकारी मकान को भी उन लोगों ने बड़ी शिद्दत से सजाया गया था। पूरी रसोई भी आधुनिक साज सामानों से घिरी हुई थी। रीना खुशी खुशी नीता और राघव को अपना … Read more

दिखावा – मधु वशिष्ठ

जब दोनों ड्राइंग रूम में घुसे  तो उन्होंने शानदार करीने से सजा हुआ सोफा, बड़ा सा म्यूजिक सिस्टम वगैरह-वगैरह इत्यादि रखे हुए देखे। उस सरकारी मकान को भी उन लोगों ने बड़ी शिद्दत से सजाया गया था। पूरी रसोई भी आधुनिक साज सामानों से घिरी हुई थी। रीना खुशी खुशी नीता और राघव को अपना … Read more

“आवरण” – कविता भड़ाना

नए साल के स्वागत में आज सोसाइटी की रौनक बस देखते ही बन रही थी…खाने – पीने के स्टॉल , कपड़ो के स्टाल, आर्टिफिशियल जूलरी और गेम्स के स्टाल बड़े तरीके से सुंदर से पार्क में लगे हुए थे, वहीं एक तरफ लाइव संगीत और डीजे पर बच्चे, महिलाएं और पुरुष थिरक रहे थे… प्रिया … Read more

कहानी बहु की कहानी – मनीषा देबनाथ

हां हम लेखक है, हम रोज कहानियां ढेर सारी लिखते है हर रोज नई रचनाएं बनाते है। उन रचनाओं में हम कितने किरदारों को नाम देते है। कितनी बार किसी को मौत देते है तो कितनी बार हम अपनी कहानियों में किसी को चमत्कारिक जीवन दान देते है। हमारी कहानी के किरदार और घटनाए हमारे … Read more

चकाचौंध – स्नेह ज्योति

रिम झिम बरसात हो रही थी , तभी फोन की घंटी बजी और प्रतीक की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा । इतना ठुकराए जाने के बाद तो उसने आस ही छोड़ दी थी ,पर कहते है ना कि भगवान के घर देर हैं, अंधेर नहीं ।चाहे उसका रंग काला है , पर आज वो खुश … Read more

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