नज़र का फेर – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शादी बाद,पहली बार लौट कर आई थी दीपिका अपने मायके,सब उसे घेरे बैठे थे,उसके छोटे बहन भाई,मां,भाभी और उसकी बुआ जी। कैसे हैं सब लोग?तेरी ससुराल,वहां का माहौल और हमारे जीजू?छोटी बहन राशि ने छेड़ा उसे। सब बहुत अच्छे हैं…प्यार करते हैं मुझे…। मुझे तो ये बता,तेरी सास कैसी है?जितना … Read more

करवाचौथ का व्रत – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शादी के बाद पहला करवाचौथ है आज समीरा का। मैं क्यों रहूंगी  व्रत!रहेंगे तो दोनों रहेंगे नहीं तो कोई नही रहेगा….समीरा एकदम दृढ़ थी अपनी बात पर ।शादी से पहले भी और शादी के बाद भी। मम्मी ये गलत बात है आप भूखी रहती हैं पापा के लिए पापा की … Read more

पिता की ममता – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दो दो बच्चियां… बिन मां के कैसे पालोगे इन्हें..? ना तो इसकी दादी है और ना ही कोई बुआ.. फिर कैसे संभालेगा तू इन्हें..? रमन की बुआ मीना जी ने कहा… रमन की पत्नी शारदा जुड़वा बेटियों को जन्म देकर चल बसी… शारदा अनाथ थी… रमन के पिता तो बचपन … Read more

ममता – तृप्ति देव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : माँ  ममता की मुरत है  तो सासु माँ  जीवन की सुरत हैl हैलो मां कैसे हो आप ? में ठीक हूं। तुम कैसे हो ? बेटा ! मां में भी ठीक हूं।  भैया भाभी सुबह ही निकल गए । शाम तक उन लोग भी  घर पोहच जाएंगे । फिर तुम्हे … Read more

भरना किसी की चिलम का – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  सेठ जनार्दन बूढ़े हो चले थे।शरीर अब शिथिल रहता पर मन दौड़ लगाता रहता।अच्छा भला कारोबार स्थापित किया था,अपने को पूरी तरह झौका था,अब उस मेहनत के फल रूप को चखने का समय आया तो उम्र धोखा दे रही थी।बस ये ही मलाल रहता। यूँ तो उनके तीन तीन बेटे … Read more

दंश – डॉ. पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज दिव्या के भाई ने अपने नए घर का निमंत्रण भेजा था। उसने फोन भी करने की कोशिश की थी। दिव्या ने निमंत्रण पत्र देखा पर उसके मन में कोई खुशी नहीं थी। यहां तक कि भाई का फोन भी उठाने का उसका मन नहीं किया। आज उसको बहुत कुछ … Read more

दंश (भाग 1)- डॉ. पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज दिव्या के भाई ने अपने नए घर का निमंत्रण भेजा था। उसने फोन भी करने की कोशिश की थी। दिव्या ने निमंत्रण पत्र देखा पर उसके मन में कोई खुशी नहीं थी। यहां तक कि भाई का फोन भी उठाने का उसका मन नहीं किया। आज उसको बहुत कुछ … Read more

साँवली – पुष्पासंजय नेमा : Moral Stories in Hindi

  रोज की तरह  आज  फिर सब ऑगन  मे बैठ कर  सुबह  की गुनगुनी  धूप  का आनन्द  ले रहे थे इतने मे बाबूजी की कड़कदार आवाज  से साँवली  के हाथ  से गरम चाय  की पतीली छूट  गई  उसने झटपट  दूसरी चाय  बनाई और लेकर  गई  बाबूजी लीजिए  चाय  माफ कीजिए  आज  थोड़ी देर  हो गई  बाबूजी … Read more

झाड़ू मारना – तृप्ति देव : Moral Stories in Hindi

निधी के घर पूजा थी । रोज थोड़ी तयारी चल रही थी ।शादी के बाद पहिली बार पूजा का आयोजन था । मोहले वाले ,कुछ परिवार के लोग ,आस पड़ोस के सबकी लिस्ट में नाम लिख रही थी । इतने में निधी ने अपनी सासू मां से पूछा मां कमला चाची को बुलाए? कोन कमला … Read more

घर आए का सत्कार करो.. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“माँ आपको तो चाची जी को इतनी देर तक बिठाना ही नहीं चाहिए था उपर से आपने उनकी हर बात की हामी भर दी… अपना समय भूल गई क्या जब उन्होंने कैसे हम सब पर झाड़ू मारकर ( निरादर कर)अपने घर से निकाल दिया था और आप उनको ही इतना मान सम्मान दे रही थी … Read more

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