गृहलक्ष्मी – ऋतु रानी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “हमारी बहू तो ‘गृहलक्ष्मी’ है, जिसने पूरे परिवार को एकसूत्र में बांध रखा है। मैं अपनी दवाई भूल भी जाऊँ लेकिन मेरी बहू , मुझे दवाई देना कभी नहीं भूलती। मेरे लिए समय पर नाश्ते खाने का पूरा ख्याल रखती है। परिवार में छोटे बड़े सभी को पूरा महत्व देती … Read more

टेंशन मत लीजिए मुझे इस सब की आदत है – पूजा मिश्रा  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज तो अरुण ने हद कर दी कितने दिनों बाद पापा हम लोगो से मिलने आए थे मैने उन्हे आग्रह करके रोक लिया था कुछ समय साथ रहने के लिए ।उनका पंद्रह दिन हम लोगो के साथ रहना ही अरुण को भारी लगने लगा ।   पापा के साथ होने पर … Read more

गृहलक्ष्मी वो जो रिश्ते सहेजे – संगीता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” अरे शकुन्तला क्या क्या बना रही हो इस बार दीवाली पर!  इस बार हमारी गृहलक्ष्मी हमारी बहू रिया की पहली दीवाली है तो कुछ तो खास होना चाहिए इस बार !” घनश्याम जी अपनी पत्नी से बोले। ” कुछ भी बने पर आपको तो नहीं मिलेगा पता है ना … Read more

जब गृहलक्ष्मी के मन में ही छल कपट आ जाए – स्वाती जैंन  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बहु , इस बार दिवाली पर गांव जा रहे हैं तो मैंने और तुम्हारे ससुर जी ने सोचा हैं कि हम दोनों थोड़े महिने वहीं रुक जाएंगे अगर तुम्हें कोई दिक्कत ना हो तो ममता जी अपनी बहु रीवा से बोली !! रीवा बोली मम्मी जी , आप तीन चार … Read more

एक बार फिर (भाग 37 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर और प्रिया कोर्ट में शादी कर लेते हैं। क्योंकि शेखर कहता है कि मैं तुम्हें अब मना करने का मौका नहीं दूंगा। प्रिया रेड साड़ी में घूंघट ओढ़े शेखर के रूम में बैठी हुई होती है आज उनकी फर्स्ट नाइट है अब आगे- उसके गालों का रंग साड़ी को मैच कर रहा था, शेखर … Read more

गृहलक्ष्मी – शिखा श्रीवास्तव   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज महीने की पाँच तारीख थी। कैलेंडर देखते हुए रमा देवी बेचैन सी घर के आँगन में टहल रही थीं कि यकायक घंटी की आवाज़ सुनकर वो तेजी से दरवाजे की तरफ चल पड़ीं। उन्होंने दरवाजा खोला तो उनकी उम्मीद के मुताबिक सामने उनकी बहू तन्वी के दफ्तर का चपरासी … Read more

प्रतिभा और होड़ – प्रतिमा त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : खुद को संभालिये, पापा। अतुल भाई ने फोन पर बताया कि भाई अब खतरे से बाहर हैं। मेरी  भतीजी पूर्वी मेरे छोटे भाई प्रभुनाथ को समझा रही है। मुझे देखते ही प्रभुनाथ मुझे पकड़कर कहने लगा- “कहाँ चूक हो गयी भाई साहब। मैंने तो कोई कमी नहीं रखी थी। आपको … Read more

सोच – संध्या त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बस का इंतजार करते लगभग एक घंटा बीत गया.. कोई भी बस गंतव्य की ओर जाने को तैयार ही नहीं , शायद समय ही गलत निर्धारित हो गया था घर लौटने का, …रात बढ़ती जा रही थी मन में भय , अकेले होने का एहसास और सबसे बड़ी बात महिला … Read more

खुशियों की दस्तक  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अक्सर दो बजे चाय की घुमटी पर विजया की नजर उस बच्चे पर पड़ती जो सहमा हुआ अपनी दादी के ऑंचल में सिमटा बैठा रहता। कभी दादी उसे चाय पिलाती तो कभी उसके बालों को सहलाती रहती। नीली कंचे सी ऑंखों से कभी टुकुर- टुकुर वह विजया की ओर देखता … Read more

ममता का आंचल – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “रिया ,हमारी बच्ची अपने स्कूल की टॉपर हो गई है!”खुशी से चहकते हुए शेखर ने रिया से कहा। “क्या बात कर रहे हो?” रिया ने चाय बनाते हुए कहा। ” अभी-अभी उसके प्रिंसिपल का फोन आया था। उन्होंने ही बताया हमारी बच्ची स्कूल की टॉपर है ।सबसे ज्यादा हाईएस्ट परसेंटेज … Read more

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