शेरनी बिटिया – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi
शुभी बेटा दरवाजा खोलो.. क्या बात है मुझे चिंता हो रही है. शुभी धड़ाम से दरवाजा खोल बाहर आई..गोरा चेहरा गुस्से से तमतमाया हुआ लाल लग रहा था.. पापा सूरज के गले से लिपटी शुभी बोलने लगी जिस इंसान ने मेरी मां के मरने पर मुझे हॉस्पिटल में लावारिस छोड़ दिया ये कहकर किसी जरूरतमंद … Read more