प्यार…धोखा और…. मर्डर – संगीता अग्रवाल
मै बालिग़ हूँ अपने फैसले कर सकती हूँ आप लोगो को कोई हक नही मुझपर अपने फैसले थोपने का !” सरला जी के कानो मे अभी तक बेटी रिया के ये अंतिम शब्द गूँज रहे थे जो उसने चार दिन पहले घर छोड़ने से पहले कहे थे । कितना समझाया था उनके पति और रिया … Read more