क्या पुरुष बांझ नही हो सकता!! – अंजना ठाकुर
अरे इस बांझ को कौन ने बुला लिया आज मेरी बहू की सतमासे की पूजा है खुद के तो बच्चे हुए नही अब मेरी बहू को नजर लगाएगी जा चली जा यहां से कांति आंखे निकालती हुई कुसुम को खा जाने वाली नजरों से देख रही थी कुसुम कांति की बड़ी बहू है जिसकी शादी … Read more