मेरी कहानी
सात दिन तक आईसीयू में मौत से संघर्ष के बाद चार दिन वेंटिलेटर पर रखने से भी कोई फायदा नही हुआ… और शकुंतला मुझे अकेला छोड़ के इस दुनिया से चली गई.. शायद यही मेरी नियति है..इस उम्र में ऐसा गम. सत्तर साल के आलोक बाबू अपने आप से बातें कर रहे थे.. हार्ट अटैक … Read more