कान का कच्चे – संगीता श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi
“शर्म नहीं आती तुम्हें , इसे छेड़ते हुए !”गाड़ी से उतर, शैली को एक तरफ खींच दोनों मनचलों को थप्पड़ रसीद दी। “इस बेचारी को सहारा देने के बजाय इसके विकलांगता का फायदा उठा रहे हो?”शैली रोए जा रही थी। भीड़ भी इकट्ठी हो गई। सबके सामने दोनों मनचले माफी मांगे। हमेशा की तरह … Read more