“लाजवंती” – आसिफ शेख : Moral stories in hindi
“अरी ओ दीनु की माई ! ये लाजवंती कहाँ रह गई आज, आई नहीं अब तक ? हरीया बार बार दरवाजे़ तक जाता, बाहर झाँक कर वापस आ जाता, अपनी पत्नी कमली से यही सवाल वह पचासो बार पूछ चूका था। और वह बेचारी चूल्हा हांडी छोड़ माथे पर हाथ मारते हुए कहती ” आ … Read more