मुखोटा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मैं मधु आज घर में अकेली बैठी थी,ऐसे ही पुरानी बातें सोचने लगी।अतीत चलचित्र की रील की भाॅति ऑखों के सामने से गुजरने लगा।तभी एक पुरानी घटना याद आ गई, जिसे एक कहानी के माध्यम से आप लोगों के साथ साझा  कर रही हूॅ। रजनी जी से मेरी जान पहचान … Read more

कोहरे भरी रात – रीता मिश्रा तिवारी

“वीर जल्दी से तैयार हो जाइए हमें जाना है “शाम की आरती करते हुए ऋतु अपने पति से बोली जो टीवी देख कम रहे थे मोबाइल ज्यादा शायद पत्नि की बात उसके कानों तक पहुंची भी या नहीं . “अरे ! आप अभी तक यहीं बैठे हैं “और टेबल पर रखा रिमोट उठाकर टीवी बंद … Read more

मतलबी रिश्तों की डोर – मंगला श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बाहर शादी की गहमा गहमी चल रही थी ,चारो और हर्ष उल्लास का वातावरण बना हुआ था मेहमानों से भरे हुए घर में ढोलक की थाप पर नाचने गाने की आवाज आ रही थी ,पर सरला जी और कमलनाथ जी आज इतने बड़े परिवार मे होकर भी अकेले पड़ गए … Read more

अधूरी प्रेम कहानी – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह-सुबह सुमि को देखकर सुधा को आश्चर्य हुआ। ” अरे सुमि, तुम इतनी सुबह?” बाहर अपने बगान में सुधा अपने पापा के साथ टहल रही थी। सुमि ने तो सोचा था कि बाहर से ही उसे संदेशा दे चली आऊँगी, लेकिन चाचा जी को देखकर उसे बहाना बनाना पड़ा। चाचा … Read more

मिस्सल ताई – अनुराधा श्रीवास्तव “अंतरा” : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi:   आज जब अम्मा को फोन मिलाया तो अम्मा के फोन उठाते ही मेरे कानों में फिल्मी गानों और शहनाई की तेज आवाज गूॅंज गयी। दोनों तरफ से हेलो हेलो की आवाज में यह बात समझ में आयी कि पड़ोस की मिस्सल ताई की बेटी शादी है। ’’बाद में बात करता … Read more

प्रेम के रिश्ते- शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

माधवी आज समझ पाई थी कि जिस आत्मिक सुख के लिए जीवन भर भटकती रही वह,वह तो मृग मरीचिका से ज्यादा कुछ भी नहीं था।रिश्तों की बोलियों में घरों को बिकते देखा है उसने।हर‌ रिश्ते में छिपा होता है स्वार्थ।पाने और देने की परंपरा निभाई जा रही है रिश्तों में।एक दूसरे को खुश रखने की … Read more

शुभ त्यौहार – दीप्ति सिंह

करवा चौथ के दिन दोपहर दो बजे करुणा ने बेटी को जन्म दिया। चाँद सी सुंदर बेटी पाकर ससुर, अखिलेश व करुणा अत्याधिक प्रसन्न हुए पर अम्बा सोच रही थी कि पोता हो जाता तो खोटा त्यौहार मन जाता । कमरे में शिफ्ट हो कर जब शरीर को थोड़ा आराम मिला तो करुणा ने पूछा … Read more

डूबते को तिनके का सहारा – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

तिनके का सहारा भी किसी के जीवन को बचा सकता है,किसी के चेहरे पर मुस्कान और खुशी ला सकता है।विधवा रमिया की काया ने जिन्दगी भर काँटों की चुभन का ही अनुभव किया।भरी जवानी में दो छोटे बच्चों के साथ विधवा हो गई।  उसके लिए अब बच्चों की खुशी और मुस्कान ही  उसकी जिन्दगी थी,परन्तु … Read more

अभिसारिका – विनोद सिन्हा “सुदामा”

 कहते हैं ज़िन्दगी में सुख़ की अपेक्षा दुःख की मात्रा कहीं ज़्यादा है परंतु जीवनपथ पर इन दोनों को एक-दूसरे से अलग कर रखा भी नहीं जा सकता,कारण सुख़ के क्षण सदा दुःख को साथ लिये हुए आते हैं और दुःख के क्षण सुख को, फिर नर हो या नारी उम्र भर न चाहकर भी … Read more

मतलबी रिश्ते- रेखा जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आजकल अधिकांश रिश्ते मतलब के ही हो गए है।  बिना मतलब के निश्छल रिश्ते तो नाम मात्र के ही है।  चाहे वो खून के रिश्ते हो या जान पहचान के। बल्कि खून के रिश्तों में ही ज्यादा मतलब आ गया है। ऐसा ही कुछ विपिन जी के साथ हुआ। विपिन … Read more

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