भारती – संध्या त्रिपाठी: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बिटिया रानी , एक बात बोलूं ? तू मुझे कुछ अंग्रेजी के शब्द अच्छे से बोलना सिखा देगी क्या ? मुझे समझ में तो आ जाता है पर इंग्लिश में बोलना नहीं आता , मैं भी बातों के बीच में अंग्रेजी के कुछ शब्द लाना चाहती हूं पर उच्चारण ठीक … Read more

बेटियों को बोलने दीजिए…!- लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कितनी ज्यादा मार्केटिंग करनी है सुरभि हड़बड़ा रही थी.. अभी तो रिंकू चिंकी की बर्थडे ड्रेसेज भी लेनी है और चिल्ड्रंस वियर शॉप काफी दूर है लेकिन खरीदना तो उसी दुकान से पड़ेगा बच्चे छोटे भले हैं लेकिन कपड़े पहनने के बहुत नखरे हैं दोनों के …लड़के हों या लड़कियां … Read more

अति सर्वत्र वर्जयेत् – डा.पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज मनोहर जी के पास यूएस(अमेरिका) से नीलेश की मां का फोन आया था वो चित्रा का हाथ अपने बेटे के लिए मांग रही थी।नीलेश बहुत ही व्यवहारकुशल लड़का था पर चित्रा तो यूएस या विदेश जाने की बात सुनकर ही सिहर उठती थी। यूएस से आने के बाद चित्रा … Read more

एक बार फिर (भाग 24) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

प्रिया और उसकी सासू मां डिजाइनर के पास जाते हैं। पर शेखर नहीं आता। वो एक सुनसान जगह पर खड़ा था। तभी एक ब्लैक कलर की मस्टैंग आ कर रूकती है। उसमें से दो लंबे चौड़े आदमी निकलते हैं और वह उनसे कहता है कि काम हो गया??? यस सर “ओके” अब आगे- ये मेरी … Read more

तिनके का सहारा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ बेटा देखना जरा ये सामान मिलेगा क्या… अगर हो तो बाँध कर हमारी कार तक भिजवा सकते हो?” सुनंदा जी ने दुकान में खड़े एक लड़के से कहा “ मुझे ये लिस्ट दे दीजिए और आप उधर बैठ जाइए ।” कहते हुए उस लड़के ने लिस्ट लेकर सुनंदा जी … Read more

मतलबी रिश्ते – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “पापा जी, उठिए, दवा खा लिजीए |” राजीव अपने पापा को उठाते हुए बोला |उसके पापा अस्पताल के बेड पर लेटे थे |राजीव पापा को पीठ की तरफ से सहारा देकर उठाया| बैठाकर उनके हाथ में दवा और पानी का गिलास पकडा दिया | पापा रामनाथ जी ने दवा खाकर पानी … Read more

मुखोटा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मैं मधु आज घर में अकेली बैठी थी,ऐसे ही पुरानी बातें सोचने लगी।अतीत चलचित्र की रील की भाॅति ऑखों के सामने से गुजरने लगा।तभी एक पुरानी घटना याद आ गई, जिसे एक कहानी के माध्यम से आप लोगों के साथ साझा  कर रही हूॅ। रजनी जी से मेरी जान पहचान … Read more

कोहरे भरी रात – रीता मिश्रा तिवारी

“वीर जल्दी से तैयार हो जाइए हमें जाना है “शाम की आरती करते हुए ऋतु अपने पति से बोली जो टीवी देख कम रहे थे मोबाइल ज्यादा शायद पत्नि की बात उसके कानों तक पहुंची भी या नहीं . “अरे ! आप अभी तक यहीं बैठे हैं “और टेबल पर रखा रिमोट उठाकर टीवी बंद … Read more

मतलबी रिश्तों की डोर – मंगला श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बाहर शादी की गहमा गहमी चल रही थी ,चारो और हर्ष उल्लास का वातावरण बना हुआ था मेहमानों से भरे हुए घर में ढोलक की थाप पर नाचने गाने की आवाज आ रही थी ,पर सरला जी और कमलनाथ जी आज इतने बड़े परिवार मे होकर भी अकेले पड़ गए … Read more

अधूरी प्रेम कहानी – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह-सुबह सुमि को देखकर सुधा को आश्चर्य हुआ। ” अरे सुमि, तुम इतनी सुबह?” बाहर अपने बगान में सुधा अपने पापा के साथ टहल रही थी। सुमि ने तो सोचा था कि बाहर से ही उसे संदेशा दे चली आऊँगी, लेकिन चाचा जी को देखकर उसे बहाना बनाना पड़ा। चाचा … Read more

error: Content is protected !!