” ज़िंदगी से लड़कर कथिर से कुंदन बन गई” – भावना ठाकर ‘भावु’ 

वंदना आज कलेक्टर की कुर्सी संभालने जा रही थी, उस सम्मान में एक समारोह रखा गया। पूरा हाॅल बड़े-बड़े  अधिकारियों और कुछ रिश्तेदारों से खिचोखिच भरा हुआ था। वंदना खोई-खोई दोहरे भाव से जूझ रही थी गरीबी, ससुराल वालों की प्रताड़ना घर-घर जाकर खाना बनाकर पाई-पाई जोड़कर पढ़ना वगैरहे एक-एक घटना किसी फ़िल्म की तरह … Read more

एक से कपड़े – अनु माथुर  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मेरी चाची सास कभी गाँव से बाहर नहीं निकली थी | या यूं कहे उन्हें कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी | बहुत छोटी थी वो जब उनकी शादी हुई थी | घर परिवार संभलने में वो कब जवानी से वो बुढ़ापे की दहलीज़ पर आकर खड़ी हो गयी उनको पता … Read more

तितली जैसी बेटियाँ – आशा झा सखी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज गौरी की हल्दी व मेंहदी की रस्म सम्पन हुई है । बहुत थक गई वो इन रस्मों को निभाते निभाते तन से भी और मन से भी।गौरी के मन में बहुत हलचल मची हुई है,पर पता नहीं उसकी आगे आने वाली जिंदगी क्या मोड़ लेने वाली है ।क्या उसे … Read more

प्रायश्चित – डाॅ उर्मिला सिन्हा   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीले व्योम के वक्षस्थल को चीरता एअर इंडिया का विमान द्रुतगति से सात समुंदर पार जा रहा है। सभी यात्री अपने आप में खोये हुए हैं। गोमती भी अपने सीट पर निर्विकार भाव से बैठी तो है परन्तु उसका मन पाखी यादों की पंख लगाए उड़ाने भर रहा है। अतीत … Read more

लड़के वाले (भाग -12) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि अभी तक आप सबने पढ़ा कि नरेशजी भुवेशजी के यहां अपने बड़े बेटे उमेश के लिये शुभ्रा को देखने आयें हुए हैं… सब कुछ अच्छा चल रहा था पर अचानक से बन्नो बुआ के धमाके  से घर में हलचल मच गयी क्यूँकि लड़का उमेश नरेशजी वीना जी का … Read more

एक बार फिर (भाग 28) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर का दोस्त समर जर्मनी से वापस लौटता है वो शेखर से उसके पुराने रिश्ते के बारे में बात करता है। साथ ही जानना चाहता है कि वो प्रिया से सचमुच प्यार करता है या नहीं। प्रिया घरवालों के सामने शेखर द्वारा कोर्ट मैरिज करने की बात से बहुत नाराज होती है। शेखर उसकी नाराजगी … Read more

न्याय-रीटा मक्कड़

‘बहु…रागिनी बहु जरा इधर तो आना” ‘जी मम्मी जी” ‘वो कल अंजली बिटिया और दामाद जी आ रहे हैं। खाने में कुछ अच्छा सा बना लेना।तेरे पापा जी बाजार जा रहे हैं।जो चाहिए अभी से मंगा लेना उनसे” “जी मम्मी जी मैं अभी लिस्ट बना कर लाती हूँ।’ रागिनी जल्दी से ससुर जी को लिस्ट … Read more

मन्नत का काला धागा  – रश्मि सक्सैना

लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते हुए विराट को काफी देर हो गई थी, और अब वह काफी बोर हो रहा था ,गुरुवार होने के कारण हमेशा से भीड़ भी बहुत ज्यादा थी। इधर उधर देखते देखते वह सामने की तरफ जा रही ,लाइन में नीचे की तरफ देखने लगता है, ऊपर उसे कोई … Read more

“समझदारी” – मीनाक्षी राय

पाखी बहुत  गुस्से में अपनी मां से बात कर रही थी, और रोये जा रही थी। आज उसे नभ की बातें बहुत चुभ रही थी । उसकी मम्मी  उसको समझा समझा कर थक गई थी,  पर पाखी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी ।चुकी पाखी के मम्मी पापा एक ही शहर में … Read more

तुमसे नहीं होगा..!!- लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तुम बीच में बोलती ही क्यों हो जब तुम्हे इस बारे में कुछ पता ही नही है अपना काम करो जाओ जाकर चाय बना लाओ सबके लिए हम लोगो के काम में टांग ना अड़ाया करो तुमसे ना होगा ये हमारा काम है.. सुधीर की उपहास पूर्णआवाज से शांता का … Read more

error: Content is protected !!