एक बार फिर (भाग 28) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर का दोस्त समर जर्मनी से वापस लौटता है वो शेखर से उसके पुराने रिश्ते के बारे में बात करता है। साथ ही जानना चाहता है कि वो प्रिया से सचमुच प्यार करता है या नहीं। प्रिया घरवालों के सामने शेखर द्वारा कोर्ट मैरिज करने की बात से बहुत नाराज होती है। शेखर उसकी नाराजगी … Read more

न्याय-रीटा मक्कड़

‘बहु…रागिनी बहु जरा इधर तो आना” ‘जी मम्मी जी” ‘वो कल अंजली बिटिया और दामाद जी आ रहे हैं। खाने में कुछ अच्छा सा बना लेना।तेरे पापा जी बाजार जा रहे हैं।जो चाहिए अभी से मंगा लेना उनसे” “जी मम्मी जी मैं अभी लिस्ट बना कर लाती हूँ।’ रागिनी जल्दी से ससुर जी को लिस्ट … Read more

मन्नत का काला धागा  – रश्मि सक्सैना

लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते हुए विराट को काफी देर हो गई थी, और अब वह काफी बोर हो रहा था ,गुरुवार होने के कारण हमेशा से भीड़ भी बहुत ज्यादा थी। इधर उधर देखते देखते वह सामने की तरफ जा रही ,लाइन में नीचे की तरफ देखने लगता है, ऊपर उसे कोई … Read more

“समझदारी” – मीनाक्षी राय

पाखी बहुत  गुस्से में अपनी मां से बात कर रही थी, और रोये जा रही थी। आज उसे नभ की बातें बहुत चुभ रही थी । उसकी मम्मी  उसको समझा समझा कर थक गई थी,  पर पाखी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी ।चुकी पाखी के मम्मी पापा एक ही शहर में … Read more

तुमसे नहीं होगा..!!- लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तुम बीच में बोलती ही क्यों हो जब तुम्हे इस बारे में कुछ पता ही नही है अपना काम करो जाओ जाकर चाय बना लाओ सबके लिए हम लोगो के काम में टांग ना अड़ाया करो तुमसे ना होगा ये हमारा काम है.. सुधीर की उपहास पूर्णआवाज से शांता का … Read more

अंतहीन ” – गोमती सिंह

शाम का समय था ,सूरज अपनेख आप को सिंदूरी चादर में लपेटते हुए अस्तांचल की ओर रवाना करनें लगे थे।  ठीक उसी समय सरोज अपने घर की दूसरी मंजिल पर खिड़की के पास बैठे हुए इस दृश्य को देखकर उदासी के सागर में खोने लगी । उसकी आँखों के सामने 35-40 वर्ष की एक महिला … Read more

लाल बॉर्डर की साड़ी – लतिका श्रीवास्तव

मेघना जी जड़ सी हो गई जब उनके पति शिशिर ने उन्हें देखते ही कहा,ये क्या पहन लिया तुमने!!ये रंग तुम पर सूट नहीं करता,इतने चटक रंग की साड़ी पहनने की तुम्हारी उम्र है क्या??जाओ मेहमानों के आने से पहले चेंज करके आओ!!और हां इस बार ध्यान रखना ……अरे अकल नहीं है तो पूछ लेना … Read more

बुढ़ा पिता कभी बोझ नहीं होता- स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : किशोर जी खाने की मेज पर आकर बैठे और जैसे ही खाना थाली में लिया तो देखा आज फिर सब्जी में तेल और मिर्च बहुत ज्यादा हैं , वैसे ही किशोर जी का कॉलेस्ट्रोल और डायबटीज बहुत बढ़ा हुआ था , डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा तेल , घी और मिर्च … Read more

पश्चाताप- के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुहानी अरे सुनती हो !!! कब से पुकार रहा हूँ । मेरा गला सूखा जा रहा है पानी पिला दो ना ।  पंकज अपनी पत्नी को दस मिनट से पुकार रहा था लेकिन कोई भी उसके कमरे में नहीं आ रहा था । वह अपने आप को असहाय महसूस कर … Read more

एक बार फिर (भाग 27) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

विक्रांत खन्ना प्रिया को धमकी देता है कि वो इस शादी से पीछे हट जाए। जिससे प्रिया बहुत सहम जाती है। शेखर उसे तसल्ली देता है कि मेरे होते हुए वह कुछ नहीं कर सकता। वो अपने मम्मी पापा से कोर्ट मैरिज करवाने को कहता है। कोर्ट मैरिज की बात सुनकर उसकी दादी नाराज हो … Read more

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