*नसीहत* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

किशोर कक्षा दसवीं का छात्र था। वह धनवान माता पिता की इकलौती संतान, पढ़ने लिखने में होशियार, एक अच्छा खिलाड़ी था। मगर उसमें एक बुराई थी, स्कूल में कोई भी गतिविधि होती तो वह अपनी टॉंग अड़ाए बिना नहीं रहता, उसे कोई काम करना नहीं रहता। वह बस सब कार्य के बीच टांग अड़ा कर … Read more

एक नारी का संघर्ष – संजु झा

“अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी, आँचल में है दूध और आँखों में पानी।” वर्षों पूर्व   कवि मैथिलीशरण  गुप्त  द्वारा नारी  के प्रति कही गई  उपरोक्त पंक्तियों में अब बदलाव देखने को मिल रहें हैं।अब नारी के आँचल में केवल दूध और आँखों में पानी नहीं रह गया है,बल्कि उनके जीवन में संघर्ष भी … Read more

सदा सुखी रहो – प्रीति आनंद

आज इंदू के विवाह की पच्चीसवीं वर्षगाँठ थी… क्या कहते हैं इसे … सिल्वर जुबली! “तो मैडम कैसे मनाना है ये दिन?” जतिन ने प्यार से ठुड्डी उठाते हुए उसके नयनों की गहराइयों में झाँकते हुए कहा, “पार्टी दें दोस्तों को?” “न-न बस हम-तुम और बच्चे ही साथ में मनाएँगे, किसी और की क्या ज़रूरत?” … Read more

अनचाही पत्नी –  मुकुन्द लाल 

   जम्मू जंक्शन से गाड़ी खुल गई थी। राजेश सात वर्षों के बाद जम्मू-कश्मीर की सीमा से अवकाश लेकर अकेले ही घर लौट रहा था। क्योंकि विशेष परिस्थिति में उसकी पत्नी को छुट्टी नहीं मिली। वह सीट पर बैठा बाहर के घूमते हुए पेङों, पहाड़ों, खेतों को देख रहा था। ज्यों-ज्यों गाड़ी कश्मीर के इलाकों से … Read more

समझौता – पुष्पा पाण्डेय 

कांता जीवन भर समझौता ही तो करती आई है। अब जीवन के इस मोड़ पर वह थक चुकी है। मानसिक थकान असहनीय हो चुकी है। बचपन से लेकर आज तक समझौता ही तो किया।——– बचपन से डाॅक्टर बनने का सपना देखा था, पर पिता जी विज्ञान विषय से दूर रहने को कहा, क्योंकि उसके लिए … Read more

” ज़िंदगी से लड़कर कथिर से कुंदन बन गई” – भावना ठाकर ‘भावु’ 

वंदना आज कलेक्टर की कुर्सी संभालने जा रही थी, उस सम्मान में एक समारोह रखा गया। पूरा हाॅल बड़े-बड़े  अधिकारियों और कुछ रिश्तेदारों से खिचोखिच भरा हुआ था। वंदना खोई-खोई दोहरे भाव से जूझ रही थी गरीबी, ससुराल वालों की प्रताड़ना घर-घर जाकर खाना बनाकर पाई-पाई जोड़कर पढ़ना वगैरहे एक-एक घटना किसी फ़िल्म की तरह … Read more

एक से कपड़े – अनु माथुर  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मेरी चाची सास कभी गाँव से बाहर नहीं निकली थी | या यूं कहे उन्हें कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी | बहुत छोटी थी वो जब उनकी शादी हुई थी | घर परिवार संभलने में वो कब जवानी से वो बुढ़ापे की दहलीज़ पर आकर खड़ी हो गयी उनको पता … Read more

तितली जैसी बेटियाँ – आशा झा सखी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज गौरी की हल्दी व मेंहदी की रस्म सम्पन हुई है । बहुत थक गई वो इन रस्मों को निभाते निभाते तन से भी और मन से भी।गौरी के मन में बहुत हलचल मची हुई है,पर पता नहीं उसकी आगे आने वाली जिंदगी क्या मोड़ लेने वाली है ।क्या उसे … Read more

प्रायश्चित – डाॅ उर्मिला सिन्हा   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीले व्योम के वक्षस्थल को चीरता एअर इंडिया का विमान द्रुतगति से सात समुंदर पार जा रहा है। सभी यात्री अपने आप में खोये हुए हैं। गोमती भी अपने सीट पर निर्विकार भाव से बैठी तो है परन्तु उसका मन पाखी यादों की पंख लगाए उड़ाने भर रहा है। अतीत … Read more

लड़के वाले (भाग -12) – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि अभी तक आप सबने पढ़ा कि नरेशजी भुवेशजी के यहां अपने बड़े बेटे उमेश के लिये शुभ्रा को देखने आयें हुए हैं… सब कुछ अच्छा चल रहा था पर अचानक से बन्नो बुआ के धमाके  से घर में हलचल मच गयी क्यूँकि लड़का उमेश नरेशजी वीना जी का … Read more

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