शहर भ्रमण – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

जल्दी जल्दी हाथ चलाओ आज हमारे जज साहब के बाबू जी आ रहें हैं । कहीं भी कोई गंदगी ना हो और सब चीजें अपनी जगह पर सुव्यवस्थित तरीके से हो । क्यों मधु बाबू वो कोई आर्मी में थे ?? नहीं , वो एक रिटायर अध्यापक है । लेकिन उन्हें गंदगी और समान का … Read more

दस्तक दूरियों की – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

अभी अभी जो कुछ अवनी ने अपनी भाभी के मुँह से सुना उससे उसका जी खट्टा हो गया ….क्या सोच कर वो मायके आई थी और यहाँ वो उसकी भाभी के लिए बोझ बन रही थी… आख़िर उसे रहना ही कितने दिन था मायके में…बमुश्किल एक सप्ताह भी तो नहीं … पर आज तो दूसरा … Read more

ज़िंदगी है फिर भी कम है – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मोहन नाम से लगता है कि इनकी ज़िंदगी कितनी रंगीन होगी । लेकिन असल ज़िंदगी में इनकी ना तो कोई राधा हैं , ना ही रुक्मणी , ना ही मीरा । अपनी पत्नी के जाने के बाद उन्होंने कई बार सोचा पर अपने बच्चों के कारण कभी दूसरी शादी नहीं … Read more

किससे करूँ शिकायत : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मयंक और माला की पचासवीं वर्षगांठ थी, घर में धन की कमी थी नहीं, बेटे -बहू, बेटी -दामाद सबने बड़े उत्साह से तैयारी की।   तैयारी पर मयंक जी नजर रखें थे, कोई कमी ना रह जाये,उनकी इज्जत का सवाल जो था,आखिर लोगों को दिखाना भी तो था, उनकी पार्टी कितनी … Read more

गलतफहमी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  महिमा और मधु पक्की सहेली थीं। वे दो जिस्म एक जान थीं | जबसे उन्होंने होश सम्हाला था तबसे वे एक साथ थीं। एल के जी. में साथ ही एक ही स्कूल में प्रवेश  लिया तब से पूरी स्कूलिंग फिर एक ही कालेज  से ग्रेज्यूशन किया। वे एक दूसरे के … Read more

दादी की शिकायतें : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : हमारे परिवार में दादी सबसे अनोखी थीं।माँ बताती थीं कि जब मेरा जन्म हुआ था तब दादी खूब नाची थी।सबसे कहतीं थीं कि हमारे घर का चिराग आया है।मेरे दादाजी ने तो मेरा नाम आशीष रखा था लेकिन दादी ने मुझे इस नाम से कभी नहीं पुकारा।वो तो हमेशा गोलू … Read more

शिकायत – अयोध्या उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राहुल और रीना दोनों का पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से व्यतीत हो रहा था। राहुल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे और रीना गांव के मध्य विद्यालय में शिक्षिका थी।इनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी तो खराब भी नहीं थी।रामू,राजू पुत्र थे तो रितु नाम की एक खूबसूरत … Read more

मंशा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अरे वाह भाभी…आपके तो बड़े ठाठ हैं और ये लिखने का नया शौक कब से शुरू हो गया । स्नेहा के हाथ में पेन डायरी देखकर मायके आई ननद मयूरी ने पूछा । क्या बताऊं मयूरी… लिखने का शौक तो बचपन से ही था जिसकी वजह से आकाशवाणी से भी … Read more

बड़ी बहू – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : निर्मला जी आज अपनी कोठी में जीवन की संध्या में नितांत अकेला जीवन व्यतीत कर रही थी ।आराम कुर्सी पर बैठी वह याद कर रही थी जिंदगी के उन पन्नों को जिसमें जिंदगी ने उन्हें बहुत कुछ दिया, आदर, सत्कार, पैसा रुतबा सब, पर उन्होंने अपने कर्कश व्यवहार के कारण … Read more

शिकायत – अविनाश स आठल्ये : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “डॉक्टर ऋषिकेश” यह आप सरासर ग़लत कर रहें हैं, आप एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर एवम क्वालिफाईड “न्यूरो फिजिशियन” होकर भी इलाज के नाम पर अपने मरीजों में “अंधविश्वास” फैला रहें हैं। किसी को इलाज़ के नाम पर कहतें हैं कि इस रुद्राक्ष की माला का प्रतिदिन 108 बार जाप करे, … Read more

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