मैं सिर्फ आपकी पत्नी नहीं किसी की बेटी भी हूँ – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “आ गई महारानी ” बहू को घर में घुसते देखकर संध्या जोर से बोली |         माँ की आवाज सुन पवन कमरे से बाहर आया और  दीपा की ओर देखते हुए चिल्लाकर बोला -” कहाँ थी तुम? हम कबसे तुम्हारी राह देख रहे हैं | आफिस तो छ बजे बंद हो … Read more

आशा की किरण – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

पूरे जीवन काल में कठिन परिश्रम करने वाली, कभी नहीं थकने वाली, हमेशा हॅंसकर हर बाधाओं को पार करने वाली, पार्वती की  ऑंखों में, आज पहली बार ऑंसुओं का सैलाब उमड़ रहा था।उसे लग रहा था, कोई नहीं है जिसे वह अपना कह सके। भरी जवानी में पति का स्वर्गवास हो गया। बेटे चन्दू के … Read more

अपशगुन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सॉरी दीदी……सॉरी .. …सॉरी …सॉरी कहते कहते अलका ने जेठानी आभा की साड़ी पकड़कर हाथ से मसलते हुए….. लगी एक छोटी सी चिंगारी को बुझाने की कोशिश की…..! दरअसल तीज पूजा करते समय तीनों देवरानी जेठानी पास पास बैठी थी….. पंडित जी के कहने पर अगरबत्ती जला कर…. उसके लौ … Read more

इक्कीसवीं सदी – डा. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दिव्या एक पढ़ी-लिखी आत्मनिर्भर और बहुत ही सुलझे हुए विचारों की लड़की थी। उसके माता-पिता ने बहुत दुलार से उसको पाला था।कंप्यूटर में इंजीनियरिंग करने के बाद दिव्या की एक बहुत अच्छे पैकेज पर एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी लग गई थी। अब उसकी उम्र भी विवाह योग्य हो … Read more

मैं उसकी होने वाली पत्नी ही नहीं… किसी की बेटी भी हूँ – संध्या सिन्हा  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राधा की बेटी कि सगाई अभी दो महीने पहले ही हुई थी और चार माह बाद ब्याह होने को हैं। आजकल वो और उसका पति उसी की तैयारी में लगे रहते हैं।  आज दोनों उसके लिए कुछ अपने पुराने ज़ेवर के बदले और कुछ पैसे लगा कर दो सेट ज़ेवर … Read more

ससुराल और मायका – पुष्पा जोशी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :सौरभ अपनी बहिन प्राची से बहुत प्रेम करता था। वह एक दिन के लिए भी उससे दूर चली जाती, तो उसका मन नहीं लगता था। प्राची बी.ए. द्वितीय वर्ष  में पढ़ रही थी। सौरभ की नौकरी बैंक में लग गई थी। उसके विवाह की तैयारी चल रही थी। सौम्या दीनदयाल जी … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 16) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि ताई के द्वारा घर में किया गया हंगामा शांत हो गया हैँ… उन्हे अपनी गलती का एहसास हो गया.. उन्होने नारायण जी से माफी मांग ली हैँ…. ताई के मायके वाले सभी को राम राम कर घर को लौट गए हैँ….. तभी … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 15) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि शुभ्रा के घर में शादी के समय ताई ने अलग ही रायता फैला दिया हैँ… वो ससुराल की सीता रामी और उसके संग के झुमके अपने ससुर नारायण जी को   कतई देने को तैयार नहीं हैँ …. ज़िसका फैसला करने के … Read more

बातों की चुभन: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “चट्टाक” की आवाज़ से सार घर गूंज गया था पर जिसके गालों पर ये थप्पड़ पड़े थे वो दीया अपने गाल सहलाते हुए भी अपनी माँ नित्या को चुप कराने की कोशिश कर रही थी। “ सॉरी माँ मेरी वजह से मामी ने आपको कितना कुछ सुना  दिया.. समझ सकती … Read more

बहू का तिरस्कार – वीणा सिंह  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तड़ाक! की आवाज से रसोई घर गूंज उठा. अपने समान समेट और अपने बाप के घर जाने की तैयारी कर निर्लज्ज औरत! गाल सहलाती आंखों से आंसू बहाती मुन्नी सहमी सी नजरें जमीन में गड़ाए खड़ी थी! मां जी की बड़ बड़ चालू थी.. नीच खानदान से आई है तेरे … Read more

error: Content is protected !!