लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 16) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि ताई के द्वारा घर में किया गया हंगामा शांत हो गया हैँ… उन्हे अपनी गलती का एहसास हो गया.. उन्होने नारायण जी से माफी मांग ली हैँ…. ताई के मायके वाले सभी को राम राम कर घर को लौट गए हैँ….. तभी … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 15) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि शुभ्रा के घर में शादी के समय ताई ने अलग ही रायता फैला दिया हैँ… वो ससुराल की सीता रामी और उसके संग के झुमके अपने ससुर नारायण जी को   कतई देने को तैयार नहीं हैँ …. ज़िसका फैसला करने के … Read more

बातों की चुभन: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “चट्टाक” की आवाज़ से सार घर गूंज गया था पर जिसके गालों पर ये थप्पड़ पड़े थे वो दीया अपने गाल सहलाते हुए भी अपनी माँ नित्या को चुप कराने की कोशिश कर रही थी। “ सॉरी माँ मेरी वजह से मामी ने आपको कितना कुछ सुना  दिया.. समझ सकती … Read more

बहू का तिरस्कार – वीणा सिंह  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तड़ाक! की आवाज से रसोई घर गूंज उठा. अपने समान समेट और अपने बाप के घर जाने की तैयारी कर निर्लज्ज औरत! गाल सहलाती आंखों से आंसू बहाती मुन्नी सहमी सी नजरें जमीन में गड़ाए खड़ी थी! मां जी की बड़ बड़ चालू थी.. नीच खानदान से आई है तेरे … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 4 ) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “देख बेटा, ये एक दिन में हल होने वाली समस्या नहीं है। इसके लिए थोड़ा सोचना पड़ेगा। उनका विश्वास जीतना टेढ़ी खीर साबित होगी।” विनया की मम्मी उसका हाथ अपने हाथ में लेकर सहलाती हुई कहती है। “लेकिन मम्मी प्रयास तो करना ही होगा ना, सिर्फ उनके लिए ही नहीं, … Read more

यह तुम्हारे बाप का घर नहीं है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जयप्रकाश अपनी बेटी मेघा को उसके विवाह में देने के लिए सामान की लिस्ट बना रहे थे। जब उन्होंने सामान की लिस्ट बनाकर मेघा को दिखाई तो मेघा बोली ‘पापा इस लिस्ट में मेरा घर तो है ही नहीं।”मेघा की बात सुनकर उसके पापा बोले ‘तू पागल हो गई है … Read more

बस थोड़ा सा प्यार, विश्वास और सहयोग – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘पलाश बेटा! तुम खड़ी और गेरू लाए या नहीं, बहू की इस घर में पहली दीपावली है, उसे घर की देहरी सजाना है। वह घर की लक्ष्मी है और यह कार्य गृहलक्ष्मी का ही है।’ सुहासिनी जी ने अपने बेटे पलाश से कहा। सुहासिनी जी का स्वास्थ बहुत खराब हो गया … Read more

शर्मिंदा – के कामेश्वरी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अमेरिका में रहने वाला राजीव अपने दोस्तों से मिलने के लिए प्रशांत के बुलाने पर उनके घर पहुँचा । सब राजीव को देखते ही हँसते हुए उसकीटाँग खींचने लगे कि स्वागत है राजीव जी आज बीबी ने परमिशन देदिया है वाह क्या बात है । राजीव अकेला ही है जो … Read more

खुद पर भरोसा कर के तो देखो – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज रति बहुत शर्मिंदगी महसूस कर रही थी.. सोचा ही नहीं था ये बच्चे भी कभी अपनी माँ को यूँ शर्मिंदा कर सकते हैं। “बहुत हो गया पति और बच्चों पर आत्मनिर्भरता अब खुद ही करना होगा…।” सोचते सोचते रति कुछ पल पहले की बात सोच कर परेशान हो उठी … Read more

डूब मरना : Top 10 stories in hindi

पल्लू  – डॉ.पारुल अग्रवाल आज समर्थ की बड़ी बुआ को घर पर आना था। समर्थ की शादी के समय बुआजी किसी कारणवश नहीं आ पाई थी,इसलिए वो आज समर्थ की नववधू अवंतिका से मिलने आ रही थी। समर्थ के पिताजी को बुआजी ने ही पालपोस कर बड़ा किया था। वो थोड़ा पुराने विचारों की थी। … Read more

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