खुशफहमी – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi
कभी कभी मनुष्य बडी ही खुशफहमी में रहता -कि वही कर्ताधर्ता है। उसने बिना एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं होना चाहिए जो वह सोचता है वही सच है वाकी कि पूरे परिवार में सोचने समझने की औकात ही नहीं है। सागर जी एक नौकरी पेशा, सुखी गृहस्थ थे। वे दो वेटी व एक … Read more