असली बहन – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

बंटी दुकान पर जाकर बोला…” अंकल ₹50 की एक चॉकलेट दीजिए…!” ” पर बेटा ₹50 की तो नहीं है मेरे पास…!” ” अच्छा ₹40 की है…!” ” नहीं बेटा ₹20 की है…!” ” अच्छा तो दो दे दीजिए…!”  चॉकलेट हाथ में लेकर बंटी बिना पैसे वापस लिए निकल गया… उसके पीछे से रीना आई…” चाचा … Read more

*करमजला* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे करम जले कुछ तो सोचा होता,सारे कस्बे में थू थू हो रही है।हमे तो तूने कही मुँह दिखाने लायक भी नही छोड़ा।        माँ, क्या कह रही तू,तुझे क्या अपने राजू पर जरा भी यकीन नही है, क्या मैं ऐसा कोई काम करूंगा जिसे हम पर धब्बा लगे?      तो बता क्या आजकल तू उस हरिजन … Read more

ये कैसा प्यार है – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“रश्मि इधर सुन, तुझसे कुछ बात करनी है “भाई सुदेश ने रश्मि को पुकारा। रश्मि के साथ उसके पति मोहित भी आ गये।”बोलिये भैया क्या बात है “मोहित ने हँस कर पूछा।”आपसे नहीं रश्मि से बात करनी है “सुदेश जी बोले। सुदेश के घर का गृहप्रवेश होने वाला था अतः सुदेश रश्मि से पूछ कर … Read more

रिश्ते हमेशा बराबर वालों से बनाने चाहिए.. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

रत्ना और किशोर जी ने सीमित आय में भी अपने दोनों बेटों अमित और सुमित की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं आने दिया। खुद की जरूरतों को अनदेखा कर बच्चों की परवरिश अच्छी तरह की। जब अमित पढ़ाई खत्म कर जॉब में आया तो रिश्तों की बाढ़ सी आ गई। आये भी क्यों ना, अमित … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

कम ज़्यादा – के कामेश्वरी माँ की डाँट से दुखी शिवानी सोच रही थी कि आज प्रूव हो गया है कि माँ भाई से ज़्यादा प्यार करती है ।सागर   माँ तुम्हें डाँटती हैं पर यह सही नहीं है कि वे तुमसे कम और भाई से ज़्यादा प्यार करती है । पापा माँ मुझे प्यार … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

निर्णय – मनीषा गुप्ता सविता ने इसी वर्ष बी.ए. पास किया था वह आगे पढ़ कर नौकरी करना चाहती थी परंतु घर वालों ने बड़े घर का रिश्ता आते ही बिना उसकी सहमति के उसका विवाह तय कर दिया। उसकी राय जाने की कोशिश तक नहीं की। शादी के बाद उसके जीवन के सभी महत्वपूर्ण … Read more

घर लौट जाओ – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

25 वर्षीय माधुरी अपने पति के ऑफिस से आने से पहले ही शाम के धुंधलके में घर से निकल पड़ी और ऑटो से रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां पर मुंबई जाने वाली ट्रेन खड़ी थी। पूछने पर पता लगा, ट्रेन के चलने में अभी काफी समय है।       माधुरी चुपचाप जाकर एक बेंच पर बैठ गई। … Read more

एक नाराजी मौन भरी – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

 किससे नाराज हो? क्यों नाराज हो? समझ में ही नहीं आता सब ही तो अपने है । माँ -पापा ने कभी कुछ कहा तो मेरे भले के लिए ही कहा होगा, सोचकर कभी उनसे नाराज नहीं हुई। घर के बाहर अपनी हम उम्र बच्चों के साथ खेलती, कभी-कभी किसी बात पर बुरा लगता,तो उसे दिल … Read more

जेवर – प्रियंका पांडेय त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

प्रिया की शादी का दूसरा दिन था। सुबह का समय जेठानी जी फर्श पर बैठी हुई थी ननद रसोई में नाश्ता बना रही थी अचानक ननद प्रिया के पास आई ,उसे आंगन में ले गई और ऊंचे स्वर में प्रिया से कहने लगी कि….      “भाभी ने हमारे लिए बहुत किया है वो मां के समान … Read more

भाग्यविधाता – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

हरिनारायण मीना एक सम्पन्न किसान परिवार से थे। खेती बाड़ी, जानवर, सब तरह से  सुखी थे एवं व्यावहारिक प्रवृती के थे। इसीके चलते गाँव वालों ने उन्हें बिधायक  का चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया । पहले  वे ग्राम प्रधान बने फिर विधायक के चुनाव के लिए खडे हुए और भारी मतों से विजयी हुए। … Read more

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