एक समझौता – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“क्या ये दिन देखने के लिए    हमने तुझे इतना पढ़ाया-लिखाया—-?  और तेरी शादी करवाई —? कृष्णकांत जी गुस्से से लाल- पीले हुए जा रहे थे।  बेटा नितिन चुपचाप पिताजी की नाराजगी को सहन कर रहा था।  सामने मंजू देवी बुखार से कराहते हुए पति कृष्णकांत से बोलीं बस –। अब चुप भी करो जी—!  मेरी … Read more

देवेंदर काकी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

पूरे मोहल्ले की काकी…..देवेंदर काकी….. सरल , सहज गांव की सीधी-सादी , प्यारी सी काकी ….सबके सुख-दुख की साथी.. बेटे , बहू ,नाती, पोतियों से भरा पूरा परिवार ….घर की मुखिया और कॉलोनी की मुख्य किरदार ” देवेंदर काकी “….       मोहल्ले में जिसके घर भी जाती खूब आव भगत के साथ उनकी खातिरदारी होती ….विशेष … Read more

नाराज – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मेरे पति के साथ मेरा कोल्ड वार चल रहा था पूछिए क्यों ? दो महीने पहले मेरे ससुर की मृत्यु हृदयाघात से हो गई थी। वे गाँव के सरकारी स्कूल में गणित के शिक्षक थे। वहीं गाँव में ही उन्होंने दोमंजिला घर बनवाया था और आराम से रह रहे थे। उनके दो बेटे थे। मेरे … Read more

पापा चले ससुराल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      ” नहीं अवंतिका…शादी में तुम ही चली जाओ…और हाँ, अपनी भतीजी को जो भी देना चाहती हो, खरीद लेना।” कहकर असीम जी ने हाथ में अखबार ले लिया।तब उनके हाथ से अखबार लेकर मनुहार करती हुई अवंतिका जी बोली,” चलिये ना…उस बात को बीते तो बरसों हो गये हैं…कब तक नाराज़ बैठे रहेंगे..अब तो अपना … Read more

एक मुंह दो बात – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

सीमा को आज अपना प्रोजेक्ट जमा करना था लेकिन अचानक से उसकी माँ की तबियत बहुत बिगड़ गई।  सीमा के अलावा उसकी माँ को देखने वाला और कोई नहीं था। आज सीमा के सामने बहुत उलझन थी लेकिन उसकी प्राथमिकता उसकी माँ थी।  सीमा ने देखा था कि किस तरह उसकी माँ ने उसे अकेले … Read more

घर ना हुआ जेल हो गया – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

बहू… आज तुम्हारी पहली रसोई है, तो सबसे पहले खीर बना लेना और हां उसमें किशमिश मत डालना… वह क्या है ना..? तुम्हारे पापा को पसंद नहीं… कहीं नाराज हो गए तो…? पार्वती जी ने अपनी नई नवेली बहू तरुणा से कहा  तरुणा फिर जैसा पार्वती जी कहती है वैसा ही करती है… कुछ रस्मों … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अब कोई माफ़ी नहीं – विभा गुप्ता         ” यार माफ़ भी कर दो..अब ऐसा कभी नहीं होगा।तुम्हारी कस..।”       ” मत खाओ मेरी झूठी कसम!” विनीता लगभग चीखते हुए अपने पति विनय से बोली।            एक कांफ्रेंस में विनीता की मुलाकात विनय से हुई थी।कुछ महीनों बाद दोनों ने शादी कर ली।विवाह के दो महीने तक तो … Read more

मैं अपने आप से नाराज नहीं हूं। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

शीला सुबह से काम में लगी हुई थी, बच्चों के स्कूल जाने के समय घर में भगदड़ सी मची हुई थी, तभी बस के आने का समय हो गया, निशू के मौजे नहीं मिल रहे थे, और बबलू अपनी टाई ढूंढ रहा था, तभी बीना जी की तेज आवाज गूंजती है, “आखिर करती क्या हो? … Read more

नाराज सुकन्या – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

मैं हूं “सुकन्या”। आज सुनिए सुकन्या की कहानी सुकन्या की जुबानी।  मैं सुकन्या चलाती हूं एक टिफिन सेंटर जिसका नाम है, “सुकन्या टिफिन सेंटर”।  आप सोच रहे होंगे की टिफिन सेंटर ?? क्या खास है इसमें टिफिन सेंटर तो बहुत से लोग चलाते हैं।  बहुत खास है सुकन्या का यह “सुकन्या टिफिन सेंटर”।  पहली खास … Read more

नाराज़गी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

हेलो चाचा , कैसे हो आप, हां ठीक है ।और कैसे याद किया भाई चाचा को ।आज तीन साल बाद भतीजे अनुज का फोन आया तो उमेश जी थोड़े हैरान हुए और मन भी भर आया क्यों कि चाचा भतीजे में आपस में बहुत पटती थी। चाचा भतीजे के बीच नाराजगी चल रही थी तीन … Read more

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