मुझे सास के ताने सुनाई नहीं देते । – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

 अनुपमा जी रसोई में सुबह का नाश्ता बना रही थीं। बेटे को आफिस जाना था इसलिए पहले बेटे का नाश्ता लगा दिया। इन दिनों लंच वो कैंटीन में ही कर लेता था इसलिए टिफिन बनाने का झंझट नहीं था लेकिन बहू के लिए अलग से नाश्ता बनाना पड़ता था क्योंकि वो जापे में थी। अनुपमा … Read more

हां मैने ससुरजी को गोद लिया है। – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“बेटा बहुत वक़्त हो गया तुझे यहां आए हुए कुछ दिन के लिए आजा!” सावित्री जी अपनी बेटी पायल से फोन पर बोली। ” पर मां मैं कैसे यहां के हालात तो तुम जानती हो पापाजी की हालत ऐसी नहीं कि उन्हें अकेले छोड़ा जाए!” पायल ने अपनी मजबूरी बताई। ” बेटा पूरा एक साल … Read more

क्या कहें हमारे तो कर्म ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आपने कोई अहसान नहीं किया हमारे ऊपर, हमें इतने ऊंचे ऊंचे पदों पर पहुंचा कर, कौन मां-बाप नहीं करते.. सभी करते हैं और आप देखना.. हम अपने बच्चों के लिए आपसे ज्यादा करेंगे, हमने अपने बच्चों को कभी भी किसी चीज की कोई कमी नहीं होने दी, हर सुविधा दी है उनके कहने से पहले … Read more

नाराज़गी भरी सीख – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

मम्मी ,मम्मी थोड़ी देर के लिए आपका फोन देना …..  क्यों क्या काम है? और ये पढ़ते पढ़ते तुझे फोन की याद क्यों आ जाती है? तूने तो बोला 1 घंटे से पहले मैं कमरे के बाहर नही आऊंगी और अभी तो आधा घंटा भी नही हुआ कनक की मां रुचि बोली   अरे मम्मी कल … Read more

बच्चे को मत डांटो, इसमें गलती बहू की है…- सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मयूरी अपने 7 साल के बेटे अमय को खाना खिलाने बैठती तो उसके हाथ में मोबाइल फोन ज़रूर पकड़ा देती थी। इस चक्कर में अमय एक जगह बैठकर खाना खा लेता वरना तो मयूरी को पूरे घर के चक्कर लगाने पड़ते तब भी उसको पूरा खाना न खिला पाती थी। जब भी मयूरी की सास … Read more

दूधो नहाओ पूतो फलो – सीमा वर्णिका : Moral Stories in Hindi

दूधो नहाओ पूतो फलो इस आशीर्वाद से राधा के तन बदन में आग लग जाती। विमल से उसकी शादी हुई दो वर्ष बीत चुके थे। आज जिंदगी के जिस मोड़ पर वह खड़ी थी वह समझ नहीं पाती कि किसको जिम्मेदार ठहराए अपने भाग्य को या माता-पिता की विवशता को।    कोरोना काल की विसंगतियों का … Read more

अब कैसी नाराजगी – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

सन् 1980, 8 फुट की ऊंचाई ,लंबा चौड़ा शरीर घनी घनी मूंछें और कंधे तक झूलते हुए बाल ,यह पहचान थी रघुनाथपुर की लाला जी की।लाला अमरनाथ सिंह जी कहने को तो पहलवान थे मगर कई गांव के मालिक थे।उनके पैतृक गांव रघुनाथपुर में तो उनकी तूती बोलती थी।तीन बेटे और एक बेटी का उनका … Read more

क्या कहें हमारे तो कर्म ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

शारदा घर के सारे काम ख़त्म करके टी वी देखने के लिए बैठक में पहुँची । उसके पति रघुनाथ जी ने हँसते हुए कहा कि तुम्हारे सीरियल का समय हो गया है क्या? शारदा ने हाँ में सर हिलाया और सीरियल देखने लगी तभी अचानक टी वी बंद हो गया था तो उन्होंने सोचा बिजली … Read more

भाभी का ह्रदय पिघला – जयचन्द प्रजापति ‘जय : Moral Stories in Hindi

गर्मी का मौसम है। तेज धूप है। हवाएं भी तेज चल रही हैं। लू का महीना, एकदम जान जा रही थी। बाहर बहुत मुश्किल से लोग निकल रहे थे। अचानक बस रुकी। बस से एक औरत झोला लिए उतरी। साड़ी में बेहद खूबसूरत। सबकी निगाह उस महिला पर गई। कुछ लोग पहचान गए। ये तो … Read more

पहले वाली भाभी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ क्या बात है भाभी आप कुछ दिनों से परेशान दिख रही है…. मैं आ गई हूँ इसलिए क्या?” राशि ने अपनी भाभी निशिता से उसके उतरे चेहरे को देख कर पूछा “ ये कैसी बात कर रही है दी…मैं क्यों आपके आने से दुःखी होने लगी… आपके आने से तो इस घर में रौनक़ … Read more

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