वो कुछ पल का साथ – सरिता गर्ग ‘सरि’ : Moral Stories in Hindi

यह कैसी सुबह आई जो मुझ पर विपदा का पहाड़ तोड़ गई। जोर से दरवाजा पीटे जाने की आवाज से मेरी नींद खुली । रात को देर तक पीहू के साथ चैट की थी, सुबह जल्दी नींद नहीं खुली थी हड़बड़ा कर दरवाजा खोला तो सामने मेरा दोस्त निहाल घबराया सा खड़ा था। उसने अटकते … Read more

और फिर अंधेरा सिमट गया – सरिता गर्ग ‘सरि’ : Moral Stories in Hindi

वक्त के थपेड़े खाती नदीम की टूटी कश्ती सी जिंदगी ,निरुद्देश्य बही जा रही थी।जीवन में उत्साह ,उमंग कुछ भी तो नहीं था। कभी कभी  नियति इंसान के साथ कितना क्रूर मजाक कर देती है।           नदीम कोमल हृदय का भावुक इंसान था। पड़ोस में ही माँ की एक सहेली थी, जो काफी बीमार थी। अपने … Read more

हीरे की कनी – सरिता गर्ग ‘सरि’ : Moral Stories in Hindi

अधरों पर निर्झर सी मुस्कान भरे, चंचल हिरणी सी कुलांचे भरती ,कौन जाने कब,कहाँ से प्रकट हो जाती और सब उसे देखते रह जाते। जाने कैसा वशीकरण था उन आँखों में , सीधी दिल में उतर जाती और उसके आकर्षण में बंधे सब उसके गुलाम हो जाते।   वह झरनों का संगीत थी ,बहती धारा थी, … Read more

डर के आगे जीत! – सारिका चौरसिया : Moral Stories in Hindi

घर के सामने सड़क के उस पार छत पर दोनों प्यारे भाई बहन खेल रहे थे लगभग पाँच और तीन वर्ष की उम्र के दोनों बच्चे बड़े ही चुलबुले पर मासूम है, प्यारी सी वो बच्ची जब गाय को रोटी खिलाने अपने दादा के पीछे निकलती है तो बड़ा मजेदार से दृश्य रहता है,उसे गाय … Read more

अहसास … – सीमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

मालती मात्र १७  की थी जब उसका  विवाह सुधीर के साथ सम्पन्न हुआ था ।  उसने जब से सपने देखना शुरू किया  था तभी से सोंचना भी उसका मन भी फूलों जैसा महका था सुधीर के साथ। यह उम्र ही होती है जब आप रंगीन और रूमानी दुनिया में रहते हैं ।  जिंदगी सतरंगी लगती … Read more

बड़ी बहन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” अरी जन्मजली! ये तूने क्या कर डाला…अपनी ही छोटी बहन के प्यार पर डाका डाल दिया।ऐसा करने से पहले तूने एक बार भी न सोचा…दूर हो जा मेरी नज़रों से..।” सावित्री जी चीखीं। उनकी आवाज़ सुनकर स्नेहा और संदीप कमरे से निकले।दरवाज़े पर खड़ी अपनी बड़ी बहन स्वाति की माँग में सिंदूर और गले … Read more

बहन भाई का प्यार – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

बेबस और लाचार से पड़े भाई को देखकर करूणा के आंख से झर झर आंसू बह रहे थे ।वो भाई का हाथ पकड़ कर वहीं बैठ गई और रोए जा रही थी। रोते-रोते ही हालचाल पूंछ रही थी इतने में भाभी चाय नाश्ता लेकर आ गई। भाभी बोली करूणा अब आज त्योहार के दिन मत … Read more

निर्णय – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

तनिशा  हाथ में राखी लिए पारिवारिक फोटो के सामने उदास बैठी आंखों  में आंसू लिए सोच रही थी कि आज राखी है और न तो दोनों बहनों ने न भाई ने और तो और मम्मी ने भी मुझे याद नहीं किया। सुबह से शाम हो गई किसी  का एक फोन भी नहीं आया।सब इकट्ठे हो … Read more

बदलाव – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

मूलचंद जी शहर के बहुत ही नामी-गिरामी व्यापारी थे । इनके दो बच्चे थें बेटा संकेत और बेटी अवंतिका।  बेटा संकेत बहुत ही बुद्धिमान, गंभीर और समझदार लड़का था जबकि बेटी अवंतिका बहुत ही जिद्दी और तुनुकमिजाज थी।  दोनों बच्चे भी वक्त के साथ बड़े होते गए ।  संकेत अब अपने पिता के कारोबार में … Read more

उसने बात ही ऐसी की मां-बाप की आंखों से आंसू छलक आए – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

शादी के 8 साल बाद अखिलेश जी और आभा जी के घर एक फूल सी कोमल कन्या का जन्म हुआ। अखिलेश जी तो मानो आसमान में उड़ रहे थे, उनकी खुशी का तो कोई ठिकाना ही ना था। जहां लड़कों के होने पर घर में बधाई गाने किन्नर आया करते थे, अखिलेश जी ने अपनी … Read more

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