बहन – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

तुम एक बात आज कान खोल कर सुन लो, मुझे इस घर में तुम्हारी बहन का आना पसंद नहीं है, जब देखो आ जाती है , सपना लगभग चीखती हुई आदर्श से बोली।    उसकी ये बात सुनकर आदर्श भी चिल्लाते हुए बोला  “महिमा मेरी न सिर्फ बहन है बल्कि मेरी बेटी भी है , मैंने … Read more

खोटा सिक्का – डॉक्टर संगीता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

“पंडित जी!ये भी कुछ करेगा अपनी जिंदगी में या नहीं?” विभा ने अपने सबसे छोटे बेटे निकुंज का हाथ दिखलाते हुए अपने फैमिली पंडित जी से पूछा तो वो मुस्करा दिए और बोले… “बड़े दोनो बच्चों जैसा तो नहीं पर आपके दिल के बहुत करीब रहेगा ये ताउम्र..” विभा और रमेश के दोनों बड़े बच्चे … Read more

सच कहते हैं लोग माता-पिता के न रहने से मायका भी नहीं रहता – रोनिता कुंडु   : Moral Stories in Hindi

हेलो भैया… वह मैं कह रही थी इस बार रक्षाबंधन पर जब मैं आऊंगी, तो हम सब अयोध्या के राम मंदिर चलेंगे… राखी सोमवार को है तो, हम वीकेंड पर ही चल चलेंगे और वही रखी मनाकर घर वापस आ जाएंगे… त्यौहार का त्योहार और साथ में राम मंदिर के दर्शन भी… कहो कैसा लगा … Read more

निर्णय – बीना शर्मा   : Moral Stories in Hindi

“अद्वैत आखिर मुझ में क्या कमी है ?”जो तुम मुझसे शादी नहीं करना चाहते। जब रोशनी ने अद्वैत से पूछा तो अद्वैत ने रोशनी से कहा “तुममे कोई कमी नहीं है तुम तो खूबसूरती का वह नगीना हो जिसे पाकर कोई भी शख्स अपने भाग्य की सराहना करेगा परंतु, मैं क्या करूं मैं अपने दिल … Read more

परोपकारी – के . कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

ओमप्रकाश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते  थे । उनका छोटा सा परिवार था माता-पिता , पत्नी और दो लड़कियाँ थीं । जितना भी वे कमाते थे उससे उनकी ज़िंदगी आराम से गुजर जाती थी । पिता पोस्ट मास्टर करके रिटायर हो गए थे और उन्होंने एक घर भी बना लिया था । इसलिए भी … Read more

बेटी का बचपन – दिक्षा दिपेश बागदरे   : Moral Stories in Hindi

विशाल और रिद्धिमा दोनों ही नौकरी पेशा थे। उन दोनों की 5 साल की एक प्यारी सी बेटी थी मानवी। तीनों ही एक खुशहाल जिंदगी जी रहे थे।  सविता जी और महेश जी ये है रिद्धिमा के माता-पिता। मानवी के प्यारे नानू-नानी।  विशाल जब 15 बरस के थे एक कार एक्सीडेंट में उनके माता-पिता गुजर … Read more

बुआ भी बहन से कम नहीं भैया… – अमिता कुचया  : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से माही के आने की तैयारी चल रही थी। कभी सोनल अपने पति सुमित कहती- देखोजी दीदी के आने पर हमें कोई कमी न रखने है। साल में एक बार ही तो राखी का त्योहार आता है, तब सुमित कहता है क्या मैं कहीं कोई कमी रखता हूं! सोनल तू बता न…क्या लाना … Read more

बहन – माधुरी गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

इरा की भाभी ने कई बार नमन को समझाया कि आपकी छोटी बहन है आप ही आगे बढ़ कर उसे अपने घर आने को कह दीजिए न ,एक ही तो बहन है आपकी।भाई ने भीयहकह कर चुप्पी साध ली कि छोटी है तो क्या उसको भी तो अपनी गलती का एहसास होना चाहिए।मां के जाने … Read more

पहले बच्ची को चुप करवाऊँ या आपके घरवालों की ख़िदमत करूँ? – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“आज नाश्ता नहीं बनाया क्या तुमने?” निकुंज ने राशि से कमरे में आकर पूछा जहाँ राशि रोती दीया को चुप कराने में व्यस्त थी “सुबह से दीया परेशान कर रही है… मुझे छोड़ ही नहीं रही.. खेलने को बिठाकर जाने का सोचती तो रोना शुरू कर देती है .. अब ऐसे में इसे छोड़कर कैसे … Read more

*गांव की लाज* – आसिफ त़ालिब शेख  : Moral Stories in Hindi

रूपा के बापूऽऽऽ अरे ओ रूपा के बापूऽऽ दिन ढलने को आ गया अब तो अंधेरा फैलने लगा है रूपा अभी तक घर नहीं लौटी अब कोई छोटी बच्ची तो ना रही हाथ पीले करने की आयु हो गई है उस की इतने समय तक घर से बाहर रहना उचित नहीं और तू यहां चौपाल … Read more

error: Content is protected !!