बाबुल – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

दो बहनों और एक भाई के बाद मेरा जनम हुआ था… जनम के दो महीने बाद हीं मां की मृत्यु हो गई… पापा और दादी ने कैसे मुझे पाला… थोड़ा समझदार होने पर जब दादी बताती तो आश्चर्य होता.. प्यार से मेरा नाम रखा निधि….. अपने पांचों बच्चों में पापा सबसे ज्यादा मुझे प्यार करते … Read more

मैं जल्दी ही लौट कर आऊँगा….. – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

 अपने दिलो दिमाग़ से लड़ती कज़री अपने कमरे से एक एक सामान समेट रही थी…. आँखों से आँसू थमने का नाम नहीं ले रहा था….ससुराल वालों के तानों से आहत मन और दिमाग़ में उनके बातों के हथौड़े के चोट से वो पूरी तरह घायल हो चुकी थी…. बेटी की ये हालत देख कर उसके … Read more

सुनहरी धूप – अनुज सारस्वत  : Moral Stories in Hindi

“मम्मी आप मुझे यूं आप भाभी से छुप छुप के सामान रूपये मत दिया करो।ये बहुत नाराज होते हैं।कहते हैं कोई कमी रखी जा रही जो यह काम हो रहा ।वो तो मैं कह देती हूँ कि माँ बाप का प्यार है मैं कैसे मना करूं।लेकिन आपको तो पता है ये बहुत खुद्दार हैं।शुरू से … Read more

बाबुल का आंगन – हेमलता गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

अरे अरे.. कहां छुप गया मेरा बच्चा.. देख बेटा.. पापा को ऑफिस के लिए देर हो रही है फटाफट बाहर आजा…! अरे पापा.. मैं तो फ्रिज के बगल में छुपी  हूं.. आप ढूंढो ना मुझे…! ओहो.. तो मेरी रानी बिटिया फ्रिज के बगल में छुपी हुई थी और मुझे दिख ही नहीं रही थी! पापा … Read more

बहन तो बहन ही होती है – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

“शशांक रिद्धि आने वाली है रक्षाबंधन पर! कितने दिन हो गए हैं उसे देखे हुए! ये रक्षाबंधन तो खिल ही उठेगा उसके आने से।” मां ने खुशी से यह खबर सुनाते हुए कहा तो एकबारगी से मैं जितना खुश हुआ उतना ही शौक्ड भी। तबतक सुधा तीन कप चाय लेकर आई और कहा “अम्मा जी … Read more

प्यार का बंधन – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

हमेशा की तरह सरोज के भाई का इस बार भी राखी का पांच सौ रुपए का मनीऑडर आ गया।ना ही उसने कोई फोन किया,कि दीदी तुम्हारी राखी मिल गई थी ना ही उसकी कोई चिट्ठी आई।सरोज की आँखें फिर से नम हो गईं। माता पिता के जाने के बाद सरोज के छोटे भाई साहिल ने … Read more

अवसरवादी बहन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

इस बार रीना ने मंझली बहन शिवानी और छोटी बहन रिया को पहले से बोल दिया था भाई के घर राखी में चलने के लिए।मां के जाने के बाद सभी भाई-बहन रीना के घर ही आते थे हर त्योहार में।बड़ा भाई रीना से छोटा,बाकी भाई बहनों में बड़ा था।इस बार राखी के महीने भर पहले … Read more

*फटे में टांग अड़ाना* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    हरिया आज फिर मेरे पास आया और फिर पुरानी व्यथा सुनाने लगा कि कैसे उसका भाई और भतीजा उसके जमीन के चक को हड़पने की चाल चल रहे है।मेरी समझ नही आ रहा था कैसे उसकी मदद करूँ?फिर भी मुझे उसकी बात सुन उससे सहानुभूति होती।       एक दिन मैं स्वयं गावँ के पटवारी के पास … Read more

*समय चक्र* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  रोशन लाल एक मेहनती और ईमानदार व्यक्ति थे।उनके दो बेटे थे-रमाकांत और सूर्यकांत।सामान्य सी परचून की दुकान से रोशन लाल ने अपने दोनो बेटों की अच्छी परवरिश की और उनकी पढ़ाई लिखाई में कोई कमी न आने दी।दोनो बेटे अपने पिता की मेहनत लगन से अनभिज्ञ तो थे नही,सो पढ़ाई से बचे समय मे पिता … Read more

अहसास – सरिता गर्ग ‘सरि’ : Moral Stories in Hindi

  कैसा खूबसूरत था वह दिन जब धरती का चाँद अपनी धड़कनें समेटे मेरे आँगन में उतरा था , मगर मेरा दुर्भाग्य मुझसे दस कदम आगे चल रहा था। मैं नहीं जानता था सुख के मुट्ठी भर पल ही  मेरे हिस्से में आने हैं।                  तुम मुझे छोड़ कर चली गईं। लाल साड़ी में लिपटा तुम्हारा निष्प्राण … Read more

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