अपनी पगड़ी अपने हाथ – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

रमाकांत और उमाकांत दो भाई  थे।दोनों भाईयों में आपस में बहुत प्रेम था।बड़े भाई रमाकांत पढ़-लिखकर असाम में शिक्षक की नौकरी करने चले गए। उनका परिवार भी साथ रहता था।उनके माता-पिता छोटे बेटे के साथ गाँव में रहते। थे।छोटा उमाकांत गाँव में खेती-बाड़ी सँभालता था।छोटे भाई की पत्नी  कविता जबान की बहुत तेज थी।जब तब … Read more

बहु से बहुरानी तक – आशा झा सखी : Moral Stories in Hindi

 मध्यमवर्गीय परिवार में आजकल रिश्तों से अधिक धन को महत्व दिया जाने लगा है।अधिकांश लड़ाई-झगड़े,कलह-क्लेश की मुख्य वजह धन ही होता है।       आशुतोष जी के दो बेटे और एक बेटी है।  दोनों बेटे प्रियम और प्रखर  विवाहित हैं। प्रियम बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है और उसकी पत्नी निभा इंटर कॉलेज में व्याख्याता है।छोटा बेटा प्रखर  … Read more

अपना सम्मान कराना भी एक कला है – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

दिव्या एवं प्रियंक बचपन से अपनी मां को दादी,बुआ एवं पापा द्वारा प्रताड़ित होते देख बड़े हुए थे। पापा बहुत अधिक गुस्सेल एवं पुरुषोचित दंभ से  भरे हुए थे। उनके सामने मम्मी का व्यक्तित्व बहुत ही बौना था।एक स्त्री एवं उनकी पत्नी होने से उनका अस्तित्व, पहचान सिर्फ पापा से ही थी। पापा की पत्नी, … Read more

“बचा हुआ दहेज” – सेतु कुमार : Moral Stories in Hindi

गायत्री देवी की ट्रेन का समय हो चला था . उन्होंने अपनी हैंड बैग की बेल्ट कंधे पर डाल ली थी.बेटी राधा  भी मां को विदा करने के लिए खड़ी हो चुकी थीं.जाने देने का मन कहां था उसका पर वो जानती थी कि पांच बजे वाली ट्रेन के बाद देर रात तक सूरजपुर जाने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

क़ुसूर – स्नेह ज्योति सुबह – सुबह के शोर में जब कृपाल ने आँखें खोली तो उसने देखा कि उसकी मकान मालकिन ज़मीन पर गिरी हुई है और आस-पास खून होली के रंग सा बिखरा हुआ है । थोड़ी देर में पता चला कि उसके नशेडी बेटे ने उसका ही गला काट दिया । आज … Read more

घुटन भरे रिश्ते से आजादी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मम्मा क्या बहुत दर्द हो रहा है निधी को अपना हाथ सहलाते हुए देखकर निधि का 6 साल का बेटा आयुष पूछ बैठा , नहीं मेरा बेटा तूझे देखकर तो सारे दर्द भूल जाती हूं तेरी ही खातिर तो जिंदा हूं नहीं तो ये जिंदगी कोई जीने लायक थी ।और आयुष को गले से लगा … Read more

इतना गुमान ठीक नहीं परिस्थितियों मौसम की तरह कब रंग बदल ले। – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

आकाश, आकाश जोर जोर से आवाज लगाने पर भी वो बस अंगड़ाई ले रहा था। उठ जाओ धूप पर्दे को चीरती हुई आंगन तक आ गई है। फिर वो बड़बड़ाने लगी ” पहले तो रात रात मोबाइल देखते रहेंगे फिर सुबह इन्हें उठाते रहो। सारे रात्रि चर प्राणी होते जा रहे है। किसी से बात … Read more

स्वार्थी रिश्ते – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

राधा चुपचाप बैठी हुई थी, लेकिन उसके मन में पुरानी यादों की एक सूनामी उमड़ रही थी। उसके चेहरे पर गहरी सोच के साथ-साथ कुछ दर्द के भाव थे, जो अतीत की उन चुनौतियों और जिम्मेदारियों की याद दिला रहे थे, जिनसे वह वर्षों से जूझती आई थी। करीब बीस साल पहले की बात है। … Read more

संगत का असर – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नीला अपने कमरे में बैठी हुई साड़ी अलमारी से निकाल रही थी कि तभी रमा दरवाजे पर आ खड़ी हुई। “नीला दीदी, ये साड़ी तो बहुत सुंदर है, मुझे दे दो, मैं इसे पहनकर पूजा में जाऊँगी,” रमा ने आँखों में चमक लिए कहा। नीला ने मुस्कुराते हुए साड़ी उसकी ओर बढ़ा दी। “ठीक है … Read more

“बंधन प्यार का” – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

सत्यवती जी का घर हमेशा स्नेह और प्रेम से भरा रहता था। उनका परिवार संयुक्त था और आपस में एकता की मिसाल था। उनके दो बेटे थे, और दोनों ही अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ साथ में रहते थे। बड़ी बहू का नाम सुनीता था और छोटी बहू का नाम राधा। सुनीता शांत और … Read more

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