गृह प्रवेश – सेतु कुमार : Moral Stories in Hindi

बिंदिया  बहु बनकर ससुराल  आ गयी थी. बहु के गृह प्रवेश की विधि पूर्ण कर सास गायत्री देवी ने बिंदिया के मायके से आए सारे सामान को एक खाली कमरे में रखवा कर लॉक कर दिया था.ताकि एक दो दिनों में मेहमानों की विदाई के पश्चात वो आराम से सारे सामान को खोल कर देख … Read more

पाबंदी – जौहरी : Moral Stories in Hindi

बचपन के दिन कितने अच्छे थे जब भी सोचती हूँ एक अलग ही दुनिया में गोते लगाने लगती हूँ।आम के बगीचे में परिवार के बच्चों के साथ मस्ती करते दिन कब बीत जाते थे पता ही नहीं चलता था। मैं घर में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी।खेलते कूदते बचपन से गुजरते स्कूल का सफर … Read more

कर्तव्य – शुभ्रा बनर्जी : Moral Stories in Hindi

शांति त्रिपाठी के पति कम्युनिस्ट दबंग नेता थे।समाज में उनका रुतबा था बहुत।दो बेटे थे उनके।बड़े बेटे को विदेश भेजकर पढ़ाया था उन्होंने,और छोटे बेटे को भी फार्मेसी करवायी थी उन्होंने।बड़ा बेटा स्वदेश लौट कर अच्छी नौकरी करने लगा था।छोटे बेटे की नौकरी भी घर के पास लग गई थी। बड़े चाव से छोटे बेटे … Read more

एक था नंदू……… – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

नंदू एक बरह बारह वर्षीय सातवीं कक्षा का छात्र था।वह मेहनती मेधावी अनुशासनप्रिय था।हमेशा कक्षा में प्रथम आता था जवकि  वह  साधनों के अभाव में पढ़ाई कर रहा था कारण वह निर्धन परिवार से था। उसकी मां दूसरों के घरों में झाड़ू पोंछा करके उसे पाल रही थी। उसका पिता शराबी था जो मेहनत मजदूरी … Read more

मैं हर जन्म ईश्वर से बेटी ही मांगूगी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

सीमा पढ़ाई में शुरू से ही बहुत होशियार थी।सभी कक्षाओं में प्रथम स्थान पर आती थी।रमेश जी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था,बेटी की कुशाग्र बुद्धि और विवेक देखकर। हायर सेकंडरी की परीक्षा समाप्त होते ही उस क्षेत्र के विधायक‌ ने रमेश जी से विनती की कि सीमा उनके नाती को घर पर … Read more

बेटी का सम्मान – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” नहीं भईया…अब आप मीनू को वहाँ नहीं भेजेंगे।हाँ..उसके ससुराल वाले आकर ससम्मान ले जायें तब तो ठीक है वरना..हमारी बेटी कोई बोझ नहीं है।” सुमेश ने अपनी भतीजी के सिर पर स्नेह-से अपना हाथ रखा तो मीनू सुबक पड़ी।      ” लेकिन सुमेश…मीनू को यहाँ रहते देख रिश्तेदार क्या कहेंगे..।” महेश जी ने भाई की … Read more

कशमकश – सुधा शर्मा : Moral Stories in Hindi

विभा का विवाह हुए अभी दो महीने ही हुए थे। वह अपने पति रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी के हर पल को जीने और समझने में लगी थी। विवाह के तुरंत बाद ही सबकुछ नया-नया और खूबसूरत लग रहा था। लेकिन जिंदगी हमेशा सरल नहीं होती। शादी के दो महीने के अंदर ही रोहन … Read more

सच्चा दोस्त – खुशी : Moral Stories in Hindi

निखिल और विनय एक  छोटे से कस्बे में रहते थे और एक फैक्ट्री में मजदूरी करते।दोनो का ही सपना था कि वो बड़े आदमी बने पर क्या करे जितनी मेहनत करते कम ही थी।घर में दोनो की पत्नियां आरती और कविता थी और उनके दो दो बच्चे थे निखिल के बच्चो के नाम आदित्य और … Read more

स्त्री मन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

रिया ने ऑफिस में काम खत्म करने के बाद जैसे ही फोन उठाया, उसने देखा कि उसकी पुरानी सहेली स्नेहा के कई मिस्ड कॉल्स थे। ये कुछ असामान्य था, क्योंकि स्नेहा ऐसे लगातार फोन तभी करती थी जब कोई जरूरी बात हो। रिया ने फौरन ही व्हाट्सएप खोलकर स्नेहा का मैसेज पढ़ा। स्नेहा ने लिखा … Read more

” बहुरानी ” – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

प्रमोद का रिटायरमेंट हो गया था। पत्नी रंजना की सेवा अभी तीन साल शेष थी। वह ग्राम सेविका के पद पर गांँव में ही कार्यरत थी। एक ही लड़का विनोद जो पटना सचिवालय के शिक्षा विभाग में  पदाधिकारी था।  उसकी दादी प्रेमशीला उसे बहुत मानती थी। बार बार यही कहती ” मैं अपने विनोद की … Read more

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