छोटी छोटी बातें ही बड़ा रूप ले लेती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या भाभी आप तो बिल्कुल बहू से दबकर रह गई हो , इतना भी क्या डरना बहू से कौन वो आपका कुछ करती है इस बुढ़ापे में बहू को आपकी मदद करनी चाहिए तो वो तो नहीं उल्टा आप और भाईसाहब ही उसकी मदद करती रहती है । क्या करूं मधु मैं नहीं चाहती एक … Read more

सर्वगुण संपन्न – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“बहू!..कितनी बार कहा है सर पर पल्लू रखा करो।” रसोई में प्रवेश करते ही जगदंबा जी ने अपनी नई नवेली बहू रूपम को टोका। जगदंबा जी के टोकते ही रूपम ने झट से पल्लू अपने सर पर खींच लिया लेकिन फिर भी जगदंबा जी भुनभुनाई.. “अच्छे घर की बहू का पल्लू हमेशा उसके सर पर … Read more

“समय रहते रिश्तों की कदर करनी चाहिए,सबको प्रायश्चित का मौका नहीं मिलता” – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। मीनाक्षी देखने में आकर्षक, गोरा रंग,घुंगराले बाल और सुडौल काया की स्वामिनी थी। पर इसके विपरीत स्वभाव से बेहद तेज़ तर्रार थी। अगर कोई बात उसके मन की होती तो ठीक वरना समझो आसमान सर पे उठा लेती थी। फिर उसको बड़े छोटे का फर्क नही समझ … Read more

नई माँ – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” माँ.. माँ…. बाबा, मां को क्या हुआ?? मां बोलती नहीं ?? ,, अपनी अचेत पड़ी मां दमयंती को हिलाते हुए नन्हा सा तीन साल का वासु पूछे जा रहा था। रघु ने उसे खींचकर अपने कलेजे से लगा लिया , ” बेटा, अब तेरी मां नहीं बोलेगी । वो भगवान के पास चली गई … Read more

जिंदगी की गाड़ी समय पर ही पकड़ लेनी चाहिए , छूटनी नहीं चाहिए – राजश्री जैन : Moral Stories in Hindi

प्रिया दो तीन दिनों से छुट्टी पर थी आज जब काम पर गयी तो भी चुप सी थी गरिमा ने पूछा क्या हुआ तो पहले तो कुछ नहीं कहा फिर रोती हुई बोली –दीदी दो दिनों से मेरा पति रमेश मुझसे बहुत झगड़ा कर रहा है किसी न किसी बात को ले कर कल तो … Read more

पश्चताप – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

जब अपने बेटों ने माँ को अपने साथ रखने से मना कर दिया तब यशोधरा जी के पास वृद्धाश्रम जाने के अलावे कोई रास्ता नहीं बचा था। हर सप्ताह रविवार को सुबोध यानि यशोधरा जी के जेठ जेठानी का बेटा वृद्धाश्रम मे दान करने के लिए आता था जब अपनी काकी  को वहाँ देखा तो … Read more

दो बच्चों की माँ – सुनीता मिश्रा : Moral Stories in Hindi

नयी बहू की मुँह दिखाई का कार्यक्रम चल रहा था, मधुर, ससुराल में रिश्तेदारों से घिरी हुई थी,तभी उसके मोबाईल की रिंगटोन बजी। “भाभी मोबाईल उठा लीजिए , शायद आपकी मम्मी का फोन हो।”ननद ने फोन उसके हाथ में दे दिया।”हाँ बहुरिया, बात कर लो। माँ को फिकर होगी।”ददिया सास ने मधुर के सिर पर … Read more

विश्वासघात – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

रवि और ज्योति की शादी लव मैरिज थी। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते थे और जीवन में साथ आगे बढ़ने के कई सपने देखे थे। लेकिन, रवि के परिवार, खासकर उसकी मां और बहन को यह शादी मंजूर नहीं थी। माँ ने बेटे की खुशी के लिए शादी की इजाजत दे दी, लेकिन उन्होंने … Read more

सामने वाला पार्क – नेकराम : Moral Stories in Hindi

मैं घर के नजदीक ही एक मेडिकल शॉप में काम करता था रात को जब भी घर लौटता पत्नी का चेहरा फूला हुआ देखता न जाने वह किस बात को लेकर गहरी चिंता में डूबी रहती थी शादी को 7 साल बीत चुके थे शादी के शुरूआती दिनों में तो मैंने पत्नी की इस बात … Read more

सफर की मंजिल – प्रतिभा परांजपे : Moral Stories in Hindi

रघुनाथ जैसे ही स्लिपरकोच में चढे ,उन्होंने देखा, डिब्बे मे काफी भीड थी।अपनी बर्थ नंबर 24 देखी उस पर पहले से ही दो सज्जन  बैठे थे। अपनी छोटी बैग रख उन्होंने उन दोनों पर नजर डाली । “आप की सीट है क्या ?बैठो बैठो” कहते हुए वे दोनों थोड़े-थोड़े  सरक कर बैठ गए । रघुनाथ … Read more

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